बजट 2026

Budget 2024-25: स्टैण्डर्ड डिडक्शन हुआ डबल तो आयकर दाता को मिलेगा बंपर फायदा, जानें बजट में क्या कर सकती है सरकार

Budget 2024-25: केपीएमजी ने कहा है कि चिकित्सा खर्च, ईंधन लागत और महंगाई में कहीं ज्यादा वृद्धि हुई है। ऐसे में लोगों के खर्च में हुई बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए मानक कटौती (Standard Deduction) को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा होम लोन पर दिए जाने वाले ब्याज पर कर छूट बढ़ाने और कैपिटल गेन सिस्टम को युक्तिसंगत बनाने की उम्मीद है।

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बजट में हो सकते हैं कई अहम बदलाव

Budget 2024-25: कंसल्टिंग फर्म केपीएमजी ने उम्मीद जताई है कि 23 जुलाई को संसद में पेश किए जाने वाले आम बजट 2024-25 में मानक कटौती को दोगुना करके एक लाख रुपये किए जा सकता है। इसके अलावा होम लोन पर दिए जाने वाले ब्याज पर कर छूट बढ़ाने और कैपिटल गेन सिस्टम को युक्तिसंगत बनाने की उम्मीद है। इसी तरह नयी कर व्यवस्था के तहत मूल कर छूट सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। उसके अनुसार ऐसा होने से अधिक खर्च करने योग्य पैसा उपभोक्ताओं के हाथ में आएगा।

क्यों राहत देने की जरूरत

केपीएमजी ने कहा है कि चिकित्सा खर्च, ईंधन लागत और महंगाई में कहीं ज्यादा वृद्धि हुई है। ऐसे में लोगों के खर्च में हुई बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए मानक कटौती (Standard Deduction) को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की उम्मीद है।

इसके अलावा अधिक खर्च करने योग्य आय उपभोक्ताओं के हाथ में देने के लिए उम्मीद है कि नयी कर व्यवस्था के तहत मूल कर छूट सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाएगा।

होम लोन ग्राहकों को मिले फायदा

केपीएमजी ने होम लोन के संबंध में कहा है कि ब्याज दरों में हाल में हुई बढ़ोतरी और रेग्युलेटर सुधारों के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है। इन चुनौतियों को कम करने और घर खरीदने को बढ़ावा देने के लिए सरकार नयी कर व्यवस्था के तहत स्व-कब्जे वाले होम लोन पर ब्याज के लिए कटौती की अनुमति देने या पुरानी कर व्यवस्था में कटौती को बढ़ाकर कम से कम तीन लाख रुपये करने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा आज भारत में कैपिटल गेन टैक्स संरचना बहुस्तरीय है और विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियों के लिए अलग-अलग दरें हैं। ऐसे में पूंजीगत लाभ कर व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाने की उम्मीद है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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