क्यों राहत देने की जरूरत
केपीएमजी ने कहा है कि चिकित्सा खर्च, ईंधन लागत और महंगाई में कहीं ज्यादा वृद्धि हुई है। ऐसे में लोगों के खर्च में हुई बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए मानक कटौती (Standard Deduction) को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा अधिक खर्च करने योग्य आय उपभोक्ताओं के हाथ में देने के लिए उम्मीद है कि नयी कर व्यवस्था के तहत मूल कर छूट सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाएगा।
होम लोन ग्राहकों को मिले फायदा
केपीएमजी ने होम लोन के संबंध में कहा है कि ब्याज दरों में हाल में हुई बढ़ोतरी और रेग्युलेटर सुधारों के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है। इन चुनौतियों को कम करने और घर खरीदने को बढ़ावा देने के लिए सरकार नयी कर व्यवस्था के तहत स्व-कब्जे वाले होम लोन पर ब्याज के लिए कटौती की अनुमति देने या पुरानी कर व्यवस्था में कटौती को बढ़ाकर कम से कम तीन लाख रुपये करने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा आज भारत में कैपिटल गेन टैक्स संरचना बहुस्तरीय है और विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियों के लिए अलग-अलग दरें हैं। ऐसे में पूंजीगत लाभ कर व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाने की उम्मीद है।
