बजट 2026

Income Tax Benefit: बजट में स्टैण्डर्ड डिडक्शन की लिमिट 50000 से हो 100000, सरकार दें आम लोगों को इनकम टैक्स पर राहत-E&Y

Budget Expectation: स्टैण्डर्ड-डिडक्शन को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये या फिर कर छूट सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये किया जाने का सुझाव कर और सलाहकार कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग (E&Y) ने दिया है।

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बजट में इनकम टैक्स छूट पर नजर

Standard Deduction, Budget Expectation:सरकार को आगामी बजट में नई रियायती कर व्यवस्था के तहत स्टैण्डर्ड डिडक्शन को दोगुना करके एक लाख रुपये करना चाहिए या मूल कर छूट की सीमा को बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये करना चाहिए। कर और सलाहकार कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग (E&Y) ने बजट को लेकर यह सुझाव दिया है। उसके अनुसार कॉरपोरेट कर की दरों में स्थिरता रखी जाए, TDS प्रावधान को युक्तिसंगत बनाया जाए, तथा विवाद समाधान को सुव्यवस्थित किया जाए। साथ ही व्यक्तिगत कर के मोर्चे पर छूट/कटौती के बिना रियायती कर व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।

इनकम टैक्स को लेकर इन बदलावों की मांग

ईवाई ने नई सरकार के समक्ष नीतिगत प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रियायती कर व्यवस्था के तहत स्टैण्डर्ड-डिडक्शन को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जा सकता है या कर छूट सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये किया जा सकता है।सरकार को कर ढांचे को सुव्यवस्थित करने, आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत ढांचे को बेहतर बनाने और निवेश तथा वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने पर फोकस करना चाहिए।

अभी क्या है सिस्टम

वर्तमान कर प्रणाली के तहत करदाता पुरानी व्यवस्था और कम दरों और नई रियायती व्यवस्था के बीच चयन कर सकते हैं। जहां पुरानी व्यवस्था में विभिन्न छूट और कटौती प्रदान की जाती है तो वहीं नई कर व्यवस्था में 50,000 रुपये की मानक कटौती प्रदान की जाती है लेकिन कोई छूट प्रदान नहीं की जाती है।ईवाई ने कहा कि सरकार ने प्रौद्योगिकी और डेटा-संचालित कर अनुपालन प्रक्रियाओं में सुधार के लिए कई स्वागतयोग्य कदम उठाए हैं। इनमें पहले से भरे गए रिटर्न, वार्षिक सूचना विवरण, कर भुगतान में आसानी, रिटर्न और रिफंड की तेज प्रक्रिया आदि हैं। इससे स्वैच्छिक कर अनुपालन की स्थिति बेहतर हुई है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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