बजट 2026

Budget 2024: युवा,किसान और मिडिल क्लास को राहत वाला होगा बजट ! दिखेगा 2047 का विजन

Budget 2024: आगामी नई कर प्रणाली में आयकर छूट स्लैब की सीमा 5 लाख की जा सकती है। इसके अलावा खपत बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है और उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक पैसा आने की उम्मीद है। इसके अलावा हाउंसिग लोन लेने पर भी नई रियायत संभव है।

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बजट से उम्मीदें

Budget 2024: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मैन्यूफैक्चरिंग पर फोकस वाला हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब 23 जुलाई को बजट पेश करेंगे, उसमें 2047 तक भारत को विकसित करने का विजन, 5 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी का रोडमैप से लेकर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का खाका भी होगा। इसके अलावा मिडिल क्लास,आम आदमी और किसान को राहत देने के लिए इनकम टैक्स में छूट से लेकर, लोगों की जेब में ज्यादा पैसा आए, इसको लेकर भी अहम ऐलान हो सकते हैं।

अर्थशास्त्रियों के पीएम मोदी की अहम बैठक

बजट से करीब 10 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ हुई बैठक से भी साफ है कि सरकार कई अहम मुद्दों को लेकर गंभीर है। और उसको लेकर सभी पक्षों का रुख समझना चाहती है। खास तौर पर 2024 लोकसभा चुनाव में BJP को जिस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा झटका लगा है। और इन इलाकों में बीजेपी को नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में ग्रामीण और कृषि क्षेत्र पर बजट में खास ध्यान दिया जा सकता है। ऐसे में सरकार बजट में पूंजीगत खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि पर खास ऐलान कर सकती है।

क्या हो सकते हैं अहम ऐलान

राष्ट्रपति के अभिभाषण से यह इशारा मिला था कि यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्य के विजन का प्रभावी दस्तावेज होगा। और पीएम मोदी ने 7 जून को अपने संबोधन में कहा था कि मिडिल क्लास देश के विकास का चालक है। उनकी भलाई और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। मोदी ने कहा था कि मिडिल क्लास कैसे कुछ बचत कर सके और उनकी जिंदगी को और कैसे आसान बनाई जा सके, इस दिशा में हम नीति बनाएंगे। इससे संकेत मिलता है कि सरकार बजट में मिडिल क्लास को कुछ राहत दे सकती है। इसके अलावा इन कदमों पर फोकस हो सकता है..

मिडिल क्लास को क्या मिल सकता है

  • नई कर प्रणाली में आयकर छूट स्लैब की सीमा 5 लाख की जा सकती है।
  • खपत बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है, उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक पैसा आने की उम्मीद है।
  • हाउंसिग लोन लेने पर भी नई रियायत संभव है।

गांव और किसान के लिए क्या

  • पीएम किसान सम्मान निधि बढ़ाई जा सकती है।
  • कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है।
  • ग्रामीण इलाकों में पीएम आवास योजना को लेकर ऐलान हो सकता है।
  • मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाने की संभावना, कृषि से जुड़े कामों को भी शामिल करने को लेकर ऐलान किए जा सकते हैं।
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इसके अलावा महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस हो सकता है। पूंजीगत खर्च पर सरकार का ध्यान बना रहेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जा सकता है। MSME पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। ओपीएस को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है. इस पर समिति अपनी रिपोर्ट दे चुकी है।EV यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर भी नए इंसेटिव का ऐलान हो सकता है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जा सकता है। रोजगार और मेक इन इंडिया के लिए पीएलआई योजना का अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया जा सकता है। श्रम सुधारों को लेकर लेबर कोड पर स्पष्टता दी जा सकती है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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