Budget 2024: आम बजट में किराये पर रहने वाले लोगों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत दी है। अब किरायेदारों को एक महीने या महीने के कुछ हिस्से के लिए 50,000 रुपये से अधिक के किराये पर कम टैक्स देना होगा। केंद्रीय बजट 2024 ने 50,000 रुपये से ज्यादा के घर के किराये के भुगतान पर TDS की दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। 50 हजार रुपये से अधिक घर का रेंट देने वाले लोगों के लिए TDS का प्रावधान है।
क्यों काटा जाता है टीडीएस
धारा 194-आईबी के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, चाहे वह व्यक्ति हो या हिंदू अविभाजित परिवार (धारा 194-आई के दूसरे प्रावधान में लिखित लोगों के अलावा), जो किसी किरायेदार को पिछले वर्ष के दौरान एक महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए 50 हजार रुपये से अधिक के किराये पर 5 फीसदी टीडीएस कटता था। क्योंकि वो मकान मालिक की इनकम का सोर्स है। इस वजह से किरायेदार किराया 5 फीसदी टीडीएस काटकर ही देते थे। अब उन्हें सिर्फ 2 फीसदी ही टीडीएस देना होगा।
आसान भाषा में समझें
अगर आपके महीने का घर का किराया 50,000 रुपये या उससे अधिक है, तो आपको किराये के भुगतान से टीडीएस काटना होगा। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194IB ने घर के किराए पर 5 फीसदी TDS तय किया है। मान लीजिए कि किरायेदार सालाना 6,12,000 रुपये (मासिक 51,000 रुपये) का किराया दे रहा है, तो वह 5 फीसदी यानी 30,600 रुपये (6,12,000*5%) पर TDS काटेगा।
कब करना होता है भुगतान
अगर किसी किरायेदार का मकान मालिक के साथ सितंबर 2023 से जुलाई 2024 तक 11 महीने का रेंट एग्रीमेंट है, तो किराएदार या तो मासिक आधार पर टीडीएस काट सकता है और हर महीने जमा कर सकता है या फिर मार्च के किराये के भुगतान में से एक बार काट सकता है। टीडीएस भुगतान किए गए किराये यानी सितंबर से मार्च 2023 तक के लिए काटा जाएगा।
अगर किरायेदार अगस्त 2023 में प्रॉपर्टी खाली कर रहा है, तो उसे किराया देने से पहले टीडीएस काटना होगा। यहां अप्रैल से अगस्त 2023 तक 5 महीने का TDS काटा जाएगा।
