Home Loan Deduction: 23 जुलाई को पेश होने वाले आम बजट से अलग-अलग सेक्टर्स की तमाम उम्मीदें हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के तीसरे सप्ताह में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए बजट पेश करने वाली हैं। रियल स्टेट सेक्टर्स से लेकर आम टैक्सपेयर्स तक को उम्मीद है कि बजट में सरकार होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले डिडक्शन की लिमिट में इजाफा कर सकती है। नागरिक प्रॉपर्टी में निवेश करें, इसके लिए सरकार आयकर अधिनियम 1961 के तहत होम लोन पर डिडक्शन प्रदान करती है। आइए जानते हैं कि अभी छूट कितनी मिलती है और अगर इसमें इजाफा हुआ तो क्या फायदा होगा।
80C के तहत डिडक्शन
इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्सपेयर्स को होम लोन के प्रिसिंपल अमाउंट के पेमेंट पर इनकम टैक्स में 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन मिल सकता है। इसमें स्टैम्प-ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस पर साल में एक बार ही डिडक्शन का लाभ लिया जा सकता है। ध्यान रहे कि यह डिडक्शन 80C के तहत मिलता है और सिर्फ ओल्ड टैक्स रीजिम में उपलब्ध है। नई टैक्स रीजिम में यह व्यवस्था नहीं है।
इंटरेस्ट डिडक्शन का लाभ
इनकम टैक्स की धारा 24B के तहत 2 लाख रुपये तक इंटरेस्ट डिडक्शन का लाभ लिया जा सकता है। अगर आपके पास दो घर हैं और उनमें से एक खाली है या आपके माता-पिता उसमें रहते हैं, तो भी दो घरों के लिए होम लोन के लिए कुल टैक्स डिडक्शन एक वित्तीय वर्ष में 2 लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकता। ध्यान रखें कि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट होम लोन के ब्याज पर लागू नहीं होती है। हालांकि, प्रिंसपल अमाउंट धारा 80C के तहत आती है। धारा 80C के तहत होम लोन की मूल राशि में से 1.5 लाख रुपये तक की कटौती की जा सकती है।
छूट बढ़ने से फायदा
इनकम टैक्स की धारा 24B के तहत 2 लाख रुपये तक इंटरेस्ट डिडक्शन को बढ़ाकर तीन लाख रुपये तक करने की मांग चल रही है। इससे मिडिल क्लास के टैक्सपेयर्स का पास खर्च करने के लिए अधिक पैसे होंगे। सातथ नए लोग घर खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। अगर घरों की डिमांड बढ़ेगी तो रियल स्टेट सेक्टर में तेजी आएगी, जो सबसे अधिक जॉब प्रदान करने वाला सेक्टर है।
