What Is Budget: बजट सरकार की राजस्व नीति का एक व्यवहारिक रूप है। किसी वित्तीय वर्ष में होने वाली आमदनी और खर्चों से जुड़ा दस्तावेज होता है। भारत में बजट आगामी वित्तीय वर्ष के खर्चे के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत सरकार के खातों का एक वार्षिक वित्तीय डिटल को बजट कहा जाता है। केंद्र सरकार बजट के जरिये देश को यह बताती है। पिछले साल कितनी आय हुई कितना खर्च हुआ और आने वाले दिनों में किन मदों से आय प्राप्त होगी और वह किन मदों पर कितना खर्च किया जाएगा।
कैसे हुई बजट की शुरुआत
अब सवाल उठता है कि आखिर बजट होता क्या है। बजट फ्रांसीसी शब्द बूजे (Bougettee) का संशोधित रूप है। जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला यानी चमड़े का बैग। वर्ष 1733 में इंग्लैंड में बजट शब्द का प्रयोग जादू के पिटारे के अर्थ में किया गया था। जादू का पिटारा इसलिए कहा गया क्योंकि सभी देशों में बजट में निहित बातों को गुप्त रखने की परिपाटी है। जबतक कि उसे संसद में पेश ना कर दिया जाए। भारत में भी यही परंपरा है। 1803 में फ्रांस में बजट शब्द का प्रयोग किया गया। बजट को संसद में पेश होने से पहले तक बजट प्रस्तावों की जानकारी सिर्फ वित्त मंत्री को होती है। एक बार ब्रिटेन में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. डाल्टन को अपना पद इसलिए छोड़ना पड़ा था क्योंकि लोगों बजट की जानकारी संसद में बजट पेश होने से पहले हो गई थी। नीचे जानिए बजट कितने प्रकार के होते हैं।
संतुलित बजट
किसी भी बजट को बैलेंस करने के लिए वित्तीय वर्ष में अनुमानित व्यय अपेक्षित आय के बराबर होना चाहिए। बजट सरकार का खर्च उसके राजस्व से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अनुमानित व्यय और अपेक्षित राजस्व को बैलेंस करना सरल होता है। हालांकि बैलेंस बनाए रखना आसान नहीं होता है।
अधिशेष बजट
किसी बजट को अधिशेष या सरप्लस बजट तब माना जाता है जब किसी वित्तीय वर्ष में इनकम आय अनुमानित व्यय से अधिक होती है। इस तरह का बजट से पता चलता है कि सरकार की टैक्स से होने वाली इनकम सरकार द्वारा जन कल्याण पर खर्च किए गए धन से अधिक है।
घाटे का बजट
घाटे का बजट या डेफिसिट बजट तब होता है जब किसी विशेष वित्तीय वर्ष में अनुमानित खर्च अपेक्षित राजस्व की तुलना में अधिक होता है। इस तरह के बजट का अर्थ यह है कि सरकार का राजस्व उसके खर्च से कम है।
