बिजनेस

Budget 2026: इनकम टैक्स सिस्टम में हुए कई बड़े बदलाव, चेक करें नए नियम

Budget 2026: बजट 2026‑27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स से जुड़े कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। इनमें ITR फाइलिंग की नई समयसीमा, अंडररिपोर्टिंग पर सख्त पेनल्टी नियम, संशोधित टैक्स रिटर्न प्रक्रिया और कुछ राहत देने वाले प्रावधान शामिल हैं।

Image

Income Tax Changes

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026‑27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स सिस्टम में कई महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है, जो टैक्सपेयर्स (टैक्स भरने वालों) के लिए राहत और सरलता लेकर आए हैं। इस बार केंद्र ने टैक्स स्लैब में तो कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन नियमों को अपडेट कर आईटीआर फाइलिंग, टैक्स रिटर्न संशोधन, पेनल्टी और अनुपालन प्रक्रिया को बेहतर और आसान बनाने पर जोर जरूर दिया है।

नया इनकम टैक्स एक्ट 2025

सबसे बड़ा बदलाव नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके तहत पुराने जटिल कानून को सरल कर दिया जाएगा और टैक्स नियमों को पढ़ना‑समझना आसान होगा। नए टैक्स फॉर्म्स और नियमों को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।

गलत जानकारी पर 200% पेनल्टी

इनकम टैक्स नियमों में एक कड़ा बदलाव यह है कि जानबूझकर गलत जानकारी देने पर अब 200% पेनल्टी लगाई जाएगी। अगर आय जानबूझकर गलत बताई जाती है जैसे गलत जानकारी देना, आय के स्रोत या प्रकृति को गलत तरीके से प्रस्तुत करना, तो पेनल्टी अब टैक्स की 200% होगी। इसका उद्देश्य टैक्स चोरी और गलत रिपोर्टिंग को रोकना है।

रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करने की समय सीमा

एक बड़ा राहत‑भरा कदम यह भी है कि रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करने की समय सीमा को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है, पहले यह तारीख 31 दिसंबर थी। अब टैक्सपेयर्स को अपनी गलती सुधारने या छूटी हुई जानकारी जोड़ने के लिए मामूली शुल्क के साथ और अधिक समय मिलेगा।

TDS रिफंड का दावा

इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति ITR की मूल तारीख (जैसे 31 जुलाई) के बाद भी रिटर्न फाइल करता है ताकि वह TDS का रिफंड ले सके, तो अब वह करदाता बिना किसी अतिरिक्त पेनल्टी के TDS रिफंड का दावा भी कर सकता है।

पेनल्टी अमाउंट पर ब्याज

बजट में कहा गया है कि अब आकलन और पेनल्टी ट्रायल को एक सामान्य आदेश में मिलाया जाएगा, ताकि टैक्स विवादों को जल्दी और सरल तरीके से खत्म किया जा सके। साथ ही, अगर कोई करदाता अपील करता है तो उस दौरान पेनल्टी पर ब्याज नहीं लगेगा, इससे करदाताओं पर वित्तीय दबाव कम होगा।

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए राहत

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक 6‑माह की विदेशी संपत्ति खुलासे (foreign asset disclosure) विंडो की भी घोषणा की गई है, जिससे वह अपनी पिछली गलत रिपोर्टिंग को बिना भारी पेनल्टी के सुधार सकें।

MAT में सुधार

MAT (Minimum Alternate Tax) में भी सुधार किया गया है कुछ गैर‑निवासी टैक्सपेयर्स को MAT में छूट दी जाएगी और दर को भी 15% से 14% किया गया है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article