BSE Market Capitalization: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की मार्केट कैप 21 मई को 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई है। शेयर बाजार इतिहास में यह पहला मौका है, जब बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन इस आंकड़े को पार कर गया है। बीते करीब पांच महीने में बीएसई के बाजार मूल्यांकन में करीब 633 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। इस साल की शुरुआत में यह 4.14 ट्रिलियन डॉलर था। भारतीय बाजार में पिछले कुछ समय से तेजी बनी हुई है। बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1.5 प्रतिशत के करीब नीचे कारोबार कर रहा है। लेकिन, बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ऑल टाइम हाई पर हैं।
भारतीय स्टॉक मार्केट दुनिया में बाजार पूंजीकरण में 5वें नंबर पर
1. अमेरिका -55 लाख करोड़ डॉलर
2.चीन-9.4 लाख करोड़ डॉलर
3.जापान -6.4 लाख करोड़ डॉलर
4. हांगकांग- 5.4 लाख करोड़ डॉलर
5. भारत -5 लाख करोड़ डॉलर
सेंसेक्स ने कितना दिया रिटर्न
2024 की शुरुआत से सेंसेक्स ने तो केवल 2.3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, लेकिन, बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमश: 16 और 11 प्रतिशत का रिटर्न दे चुके हैं। बीएसई ने 4 ट्रिलियन से लेकर 5 ट्रिलियन का सफर केवल छह महीने में तय किया है। बीएसई ने नवंबर 2023 में पहली बार 4 ट्रिलियन के आंकड़े को छुआ था।
सेबी ने लाया ये नया नियम
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सूचीबद्धता दायित्व और खुलासा आवश्यकता (एलओडीआर) नियमों के तहत सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) की गणना के तरीके को बदल दिया है। एक दिन (वर्तमान में 31 मार्च) के बाजार पूंजीकरण का उपयोग करने के बजाय सूचीबद्ध कंपनियां अब छह महीने की अवधि के लिए ‘औसत बाजार पूंजीकरण’ का उपयोग करेंगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी सूचीबद्ध इकाई के बाजार पूंजीकरण में बाजार की गतिशीलता के आधार पर दैनिक आधार पर उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए एक उचित अवधि में बाजार पूंजीकरण के आंकड़ों का औसत उस सूचीबद्ध इकाई के बाजार आकार को अधिक सटीक ढंग से दर्शाएगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य एस के मोहंती की अध्यक्षता में गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। इस समिति का गठन कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। सेबी ने 17 मई को जारी एक अधिसूचना में कहा कि यह संशोधन 31 दिसंबर, 2024 से लागू होगा।
IANS-HINDI इनपुट के साथ
