Bitcoin Price Today : क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आज (शुक्रवार) जोरदार तेजी देखने को मिली, जब बिटकॉइन (Bitcoin cryptocurrency) की कीमत $81,000 (करीब 67 लाख रुपये से अधिक) के पार पहुंच गई। यह उछाल अमेरिका में डिजिटल एसेट्स से जुड़ी नई कानून प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद आया। अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी ने एक महत्वपूर्ण “डिजिटल एसेट मार्केट स्ट्रक्चर बिल” को आगे बढ़ाया, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा और बाजार में खरीदारी तेज हो गई। बिटकॉइन की कीमत दिन के दौरान करीब 2.44% बढ़कर $81,517 तक पहुंच गई। इसके साथ ही एथेरियम, XRP, सोलाना, डॉजकॉइन और कार्डानो जैसी अन्य बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में भी अच्छी बढ़त देखी गई।
अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी उछाल
बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य डिजिटल करेंसी भी हरे निशान में रहीं। एथेरियम की कीमत करीब 1.03% बढ़कर $2,289 पर पहुंच गई। XRP में 4.44% की मजबूत बढ़त देखी गई और यह $1.49 तक पहुंच गया। सोलाना में 1.35%, डॉजकॉइन में 2.16% और कार्डानो में 2.57% की तेजी दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब बिटकॉइन में तेजी आती है तो अक्सर बाकी ऑल्टकॉइन भी उसके साथ चल पड़ते हैं, क्योंकि निवेशकों का भरोसा पूरे क्रिप्टो बाजार में बढ़ जाता है।
अमेरिकी सीनेट की नई क्रिप्टो बिल प्रक्रिया
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी द्वारा “क्लैरिटी एक्ट” को आगे बढ़ाना माना जा रहा है। यह बिल क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। इस प्रस्ताव के तहत क्रिप्टो बाजार को नियंत्रित करने के लिए दो प्रमुख नियामक संस्थाओं की भूमिका तय की जा रही है। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन (CFTC):- यह संस्था क्रिप्टो के बड़े हिस्से की निगरानी करेगी। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC):- यह डिजिटल सिक्योरिटीज पर नियंत्रण रखेगा। इस कदम को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है, क्योंकि लंबे समय से क्रिप्टो सेक्टर में स्पष्ट नियमों की कमी रही है।
बिल आगे कैसे बढ़ेगा?
यह बिल अभी सीनेट बैंकिंग कमेटी से पास होकर आगे सीनेट फ्लोर पर जाएगा। इसके बाद इसे कृषि समिति (Agriculture Committee) से आए दूसरे ड्राफ्ट के साथ मिलाकर अंतिम रूप दिया जाएगा। कानून बनने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका आगे बढ़ना ही बाजार के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
बाजार की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल
हालांकि नियामक खबरें सकारात्मक हैं, फिर भी बिटकॉइन की तेजी सीमित मानी जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार ऐसी खबरों का असर सीधे बिटकॉइन की कीमत पर नहीं पड़ता, बल्कि क्रिप्टो कंपनियों और संबंधित निवेश साधनों पर ज्यादा दिखाई देता है। कुछ निवेशकों का मानना है कि बाजार पहले से ही इस तरह की खबरों को आंशिक रूप से “प्राइस इन” कर चुका था, इसलिए बड़ी छलांग नहीं दिखी।
गोल्ड-बैक्ड स्टेबलकॉइन क्या हैं?
इस बीच गोल्ड-बैक्ड स्टेबलकॉइन भी चर्चा में हैं। ये ऐसे डिजिटल टोकन होते हैं जिनकी वैल्यू असली सोने (gold) से जुड़ी होती है। यानी जितना टोकन जारी होता है, उतना ही सोना कंपनी के पास सुरक्षित रखा जाता है। इनका उद्देश्य क्रिप्टो की अस्थिरता को कम करना और निवेशकों को स्थिर वैल्यू देना होता है। कुल मिलाकर, अमेरिकी नियामक ढांचे में प्रगति और क्रिप्टो पर बढ़ती संस्थागत रुचि ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। बिटकॉइन का $81,000 के पार जाना सिर्फ एक कीमत का स्तर नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि क्रिप्टो को लेकर वैश्विक स्तर पर नीति और निवेश दोनों तेजी से बदल रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट से संपर्क करें।)
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