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Bitcoin Crash: एक महीने में क्यों ढह गई क्रिप्टो किंग? वजहें जानकर चौंक जाएंगे!

क्रिप्टो बाजार इन दिनों जोरदार दबाव में है और बिटकॉइन नवंबर में 2022 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। बिटकॉइन की कीमत करीब 7% फिसलकर लगभग 80,000 डॉलर तक पहुंच गई है। इसके साथ ही कुल क्रिप्टो मार्केट कैप तीन ट्रिलियन डॉलर से नीचे खिसक गया है।

Bitcoin Crash

क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय भारी दबाव में है और बिटकॉइन की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। नवंबर बिटकॉइन के लिए सबसे खराब महीनों में से एक साबित हो रहा है। 2022 में टेरा यूएसडी और FTX एक्सचेंज के ध्वस्त होने के बाद पहली बार इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बिटकॉइन की कीमत 7% से ज्यादा टूटकर करीब 80,000 डॉलर तक गिर गई है। सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि ईथर और कई छोटे टोकन भी तेजी से नीचे आए हैं। बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण कुल क्रिप्टो मार्केट कैप 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे चला गया है, जिससे निवेशकों में डर बढ़ गया है और लोग मजबूरी में अपनी होल्डिंग बेच रहे हैं।

एक महीने में कितनी ढह गई कीमतें

नवंबर के महीने में बिटकॉइन अपनी वैल्यू का लगभग 25% गंवा चुका है, जो जून 2022 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। शुक्रवार को तो कीमत एक समय में 7% से ज्यादा गिर गई। छोटे टोकन में भी ऐसी ही गिरावट देखने को मिली। खास बात यह है कि यह गिरावट तब आई है, जब क्रिप्टो बाजार में धीरे-धीरे संस्थागत निवेश बढ़ रहा था। बावजूद इसके, बाजार की भावनाओं में भारी कमजोरी दिखी है।

CoinGecko के मुताबिक, कुल क्रिप्टो मार्केट कैप अप्रैल के बाद पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के नीचे आ गया है। सिर्फ एक महीने की बिकवाली में ही लगभग डेढ़ ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू बाजार से मिट गई है। बिटकॉइन और ईथर समेत कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे साफ है कि निवेशक अभी जोखिम लेने से बच रहे हैं।

24 घंटे में क्या हुआ?

CoinGlass के अनुसार, सिर्फ पिछले 24 घंटों में लगभग 2 अरब डॉलर की लेवरेज्ड पोज़िशन लिक्विडेट हो गई हैं। अक्टूबर में 19 अरब डॉलर की लिक्विडेशन हुई थी, और अब यह इस साल की दूसरी सबसे बड़ी लिक्विडेशन है। इस वजह से बाजार में घबराहट और तेज हो गई है और निवेशक लगातार अपनी पोज़िशन काट रहे हैं।

अमेरिका के बिटकॉइन ETF से भी भारी निकासी दर्ज की गई है। गुरुवार को अकेले 903 मिलियन डॉलर बाहर निकल गए, जो जनवरी 2024 के बाद दूसरा सबसे खराब दिन रहा। ओपन इंटरेस्ट भी अक्टूबर के रिकॉर्ड से 35% नीचे आ चुका है। इसका मतलब है कि बड़े संस्थागत निवेशक फिलहाल कमजोर बाजार में पैसा लगाने से बच रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि “Owen Gunden” नाम के एक सालों पुराने वॉलेट ने, जिसमें 2011 से बिटकॉइन रखा हुआ था, हाल ही में एक अरब डॉलर से ज्यादा का बिटकॉइन बेच दिया। इस भारी बिक्री का बाजार पर बड़ा असर पड़ा और कीमतें और नीचे चली गईं। क्रिप्टो मार्केट सेंटीमेंट इंडेक्स 2022 की गिरावट वाले स्तर पर वापस पहुंच चुका है, जिससे निवेशकों में अत्यधिक डर और अनिश्चितता का माहौल है।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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