बिजनेस

बिहार को मिलेगा मेगा इंफ्रा बूस्ट, ये हाइवे, एक्सप्रेसवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स बदलेंगे राज्य की तस्वीर

पटना मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) का पहला फेज शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट को 5 फेज में बांटा गया है। नई सरकार के गठन के बाद नए फेज का काम तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। पटना के अलावा बिहार के चार बड़े शहर - मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में भी मेट्रो चलाने की तैयारी है। नई सरकार के गठन के बाद इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है।

Image

बिहार में बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स

बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में एक बार फिर नई सरकार का सपथ ग्रहण पूरा हो गया है। आज 26 मंत्रियों को सपथ दिलाई गई। जल्द मंत्रालयों का बंटवारा होगा और फिर राज्य में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए काम शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस बार बिहार की अवाम से NDA को बंपर समर्थन मिला है। 202 सीटों पर जीत मिलने के बाद सरकार पर वादों को पूरा करने का दबाब भी है। इस बात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार भलीभांति समझ भी रहे हैं। इसलिए इस बार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से काम करेगी। इसका बड़ा फायदा राज्य के इंफ्रा प्रोजेक्ट को मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं कि बिहार सरकार के गठन के साथ बिहार को कैसे मिलेगा इंफ्रा बूस्ट और किन परियोजनाओं पर काम शुरू होने से राज्य की तस्वीर बदलेगी।

इन दो हाइवे प्रोजेक्ट के लिए 7,616 करोड़ का बजट

बिहार चुनाव से पहले केद्रीय कैबिनेट द्वारा 7,616 करोड़ रुपये के इंफ्रा प्रोजेक्ट का ऐलान किया गया था। इनमें ग्रीनफील्ड फोर-लेन मोकामा-मुंगेर राजमार्ग (82.4 किमी) का बजट 4,447 करोड़ रुपये और भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट (117 रूट किमी) के दोहरीकरण पर 3,169 करोड़ रुपये का बजट था। अब इन दोनों प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी सड़क बनेगा 4लेन

मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी सड़क को 4 लेन बनाने का काम जल्द शुरू होगा। सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी अपने एक्स हैंडल पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लि केंद्र सरकार ने ₹2 हजार करोड़ किए स्वीकृत किए हैं। इस सड़क के 4 लेन बन जाने से इससे जुड़े जिलों में व्यावसायिक विकास होगा ही साथ ही साथ नेपाल के लिए आवागमन भी सुगम हो जाएगा।

पटना मेट्रो और रिंग रोड

पटना मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) का पहला फेज शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट को पांच फेज में बांटा गया है। नई सरकार के गठन के बाद नए फेज का काम तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। मेट्रो पटना में ट्रांसपोर्टेशन की एफिशिएंसी को बहुत बढ़ाएगा। इसके अलावा पटना रिंग रोड पर काम शुरू हो सकता है। यह एक प्रस्तावित 140 km लंबा, 6-लेन एक्सप्रेसवे है जिसे पटना की चारों तरफ से कनेक्टिविटी के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 4,800 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट पटना को गंगा नदी के उत्तरी किनारों से जोड़कर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, एक इनर रिंग रोड प्रोजेक्ट भी चल रहा है, जो शहर के अंदर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान देगा। पटना के अलावा बिहार के चार बड़े शहर - मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में भी मेट्रो चलाने की तैयारी है। नई सरकार के गठन के बाद इस पर काम शुरू हो सकता है।

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे

यह 350 km लंबा, 4-लेन एक्सप्रेसवे बक्सर और भागलपुर को जोड़ेगा, जो गंगा नदी के पैरलल चलेगा। इसे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तौर पर डिजाइन किया गया है और यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बढ़ाएगा। इससे इलाके की कनेक्टिविटी और पहुंच बढ़ेगी। लागत और ज़मीन अधिग्रहण की जानकारी अभी बाकी है। मौजूदा समय में बक्सर और भागलपुर के बीच सड़क की लंबाई करीब 375 किमी है।

ये रोड प्रोजेक्ट रफ्तार तेज करेंगे

चुनाव से पहले इन रोड प्रोजेक्ट्स का ऐलान हुआ था। अब इनपर काम शुरू होने की उम्मीद है।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे (दिघवारा तक एक्सटेंशन): इस एक्सप्रेसवे को दिघवारा तक बढ़ाया जाएगा, जिससे पटना और पूर्णिया के बीच यात्रा का समय और दूरी कम हो जाएगी। यह उत्तर बिहार के जिलों और राज्य की राजधानी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी भी देगा।

मुजफ्फरपुर-बरौनी रोड: यह सड़क उत्तर बिहार के दो बड़े इंडस्ट्रियल और एजुकेशनल हब को जोड़ेगी। नई सड़क से मुजफ्फरपुर और बरौनी के बीच यात्रा आसान और तेज़ हो जाएगी।

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा रोड: नेपाल बॉर्डर के पास के शहर सोनबरसा को मुजफ्फरपुर से जोड़ने वाली यह सड़क बॉर्डर इलाके में व्यापार और आवाजाही को बढ़ावा देगी।

खगड़िया-पूर्णिया रोड: यह रास्ता पूर्वी बिहार के दो खास शहरों को जोड़ेगा। नई सड़क से विकास को बढ़ावा मिलेगा और ट्रैफिक बेहतर होगा।

छपरा-गोपालगंज रोड: यह सड़क पश्चिमी बिहार के दो बड़े जिलों के बीच की दूरी कम कर देगी। इससे रोज़ाना आने-जाने वालों को फायदा होगा और खेती-बाड़ी और बिज़नेस एक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

अररिया-परसराम रोड: यह सड़क अररिया जिले से होकर गुजरेगी और परसराम तक पहुंचेगी, जो बॉर्डर इलाके में एक ज़रूरी रास्ता बन जाएगा।

बिहार गंगा रोड प्रोजेक्ट्स

बिहार हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत गंगा नदी के किनारे तीन बड़े रोड प्रोजेक्ट्स शुरू होगा, जिसमें कुल मिलाकर करीब 17000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट होगा। तीन प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं: दीघा–शेरपुर–बिहटा–कोइलवर (35.65 km) जिसकी अनुमानित लागत 6495.79 करोड़ रुपये है। मुंगेर (सफियाबाद)–बरियारपुर–घोरघट–सुल्तानगंज (42 km) जिसकी अनुमानित लागत 5119.80 करोड़ रुपये है। सुल्तानगंज–भागलपुर–सबौर (41.33 km) जिसकी लागत 4849.83 करोड़ रुपये है।

रेलवे आधुनिकीकरण और विस्तार

बिहार के रेलवे का महत्वपूर्ण विकास किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, बिहार में 98 स्टेशनों को आधुनिक मानकों के अनुसार बेहतर सुविधाओं, मुफ्त वाई-फाई, पहुंच सुविधाओं और शहर के बुनियादी ढांचे के साथ एकीकरण के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।

बिहटा एयरपोर्ट

बिहार में एविएशन की रफ़्तार को बढ़ाने वाला बिहटा एयरपोर्ट का काम चल रहा है। ₹1,413 करोड़ के इन्वेस्टमेंट वाले इस प्रोजेक्ट में, बिहटा एयर फोर्स स्टेशन पर नए सिविल एन्क्लेव की नींव रखी गई है, जो पटना के पश्चिम में एक बड़ा हब बनेगा। 50 लाख पैसेंजर को संभालने के लिए डिजाइन किया गया, इसकी मॉडर्न सुविधाएं पटना के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पूरा करेंगी, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

49 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर चल रहा काम

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, बिहार में 1.36 लाख करोड़ रुपये के 49 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें से 52,817 करोड़ रुपये के 20 प्रोजेक्ट्स रेलवे से जुड़े हैं, 6,571 करोड़ रुपये के नौ प्रोजेक्ट्स वॉटर मैनेजमेंट के लिए हैं, 26,501 करोड़ रुपये के सात प्रोजेक्ट्स ऑयल और गैस के लिए हैं, और टेलीकम्युनिकेशन, बिजली बनाने, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन और एविएशन के लिए तीन-तीन प्रोजेक्ट्स हैं। अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट, एनर्जी स्टोरेज, इनलैंड वॉटरवेज, और एजुकेशन के लिए भी कम से कम एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article