बिजनेस

रद्द होगी नई पेंशन स्कीम और पूरे देश में लागू होगा पुराना पेंशन सिस्टम! अभी जान लें क्या है सच्चाई

  • Authored by: डिंपल अलावाधी
  • Updated Dec 14, 2022, 12:59 PM IST

Pension Scheme: देश में पुरानी पेंशन योजना को BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने बंद कर दिया था। नई पेंशन योजना 1 अप्रैल 2004 को लागू की गई थी।

Image

Pension Scheme: रद्द होगी नई पेंशन स्कीम और पूरे देश में लागू होगा पुराना पेंशन सिस्टम!

Photo : iStock

नई दिल्ली। देश में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) और नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कुछ लोग इसके समर्थन में हैं, तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं। पेंशन स्कीम को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कुछ मैसेज भी वायरल हो रहे हैं, जो भ्रामक है। ऐसे में आपको इन मैसेज से बचकर रहना चाहिए, क्योंकि आखिर यह आपकी पेंशन की बात है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि सरकार नए पेंशन सिस्टम को पूरी तरह से खत्म कर सकती है। आइए जानते हैं आखिर इस वायरल मैसेज की सच्चाई क्या है।

PIB ने ट्वीट कर बताई सच्चाई

पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल में लिखा है कि कई पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही नई पेंशन योजना को रद्द कर सकती है और इसकी जगह पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू की जा सकती है। इसपर पीआईबी ने लिखा है कि यह दावा पूरी तरह से झूठा है। मालूम हो कि केंद्र सरकार की ओर से पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

सरकार का नहीं है कोई भी प्लान!

आगे पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि फिलहाल केंद्र सरकार ने इससे जुड़ी कोई भी जानकारी शेयर नहीं की है। इसके अलावा सरकार का पुराने पेंशन सिस्टम को लागू करने का भी कोई प्लान नहीं है। पीआईबी ने सलाह भी दी है कि इस तरह के वायरल मैसेज को किसी के साथ शेयर ना करें। आपको इसपर भरोसा नहीं करना चाहिए।

क्या है पुरानी और न्यू पेंशन स्कीम?

पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को उनकी आखिरी सैलरी और महंगाई भत्ता का 50 फीसदी या उनकी सर्विस के पिछले 10 महीनों में उनकी औसत कमाई, जो भी ज्यादा हो, वह मिलती है। न्यू पेंशन स्कीम के तहत सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10 फीसदी NPS में योगदान करते हैं, वहीं सरकार की ओर से 14 फीसदी का योगदान किया जाता है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी भी इसमें भाग ले सकते हैं।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

और पढ़ें
End of Article