LPG cylinders Update: देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने साफ कहा है कि भारत में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है। वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव यानी मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बावजूद कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि गैस की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त बनी हुई है। कंपनी के मुताबिक, घरेलू जरूरतों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
रोजाना 28 लाख सिलेंडर की सप्लाई जारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आईओसी ने बताया कि फिलहाल देशभर में हर दिन करीब 28 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। यह आंकड़ा वही है जो सामान्य परिस्थितियों में होता है, यानी मौजूदा वैश्विक हालात का सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने कहा कि घर-घर तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी बिना किसी रुकावट के जारी है।
अफवाहों से बचने की अपील
आईओसी ने लोगों से खास अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनी ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराकर सिलेंडर बुक करने या जमा करने की जरूरत नहीं है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और बिना जरूरत गैस एजेंसी पर जाकर लाइन न लगाएं।
पारदर्शिता और भरोसे का वादा
कंपनी ने यह भी कहा कि वह एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने, वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईओसी का कहना है कि उसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर उपभोक्ता को समय पर और सही तरीके से गैस सिलेंडर मिले, बिना किसी परेशानी के।
अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
आईओसी ने यह भी स्वीकार किया है कि कुछ जगहों पर एलपीजी वितरकों की गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं। सोशल मीडिया और उपभोक्ता शिकायतों के जरिए ऐसी जानकारी सामने आई है। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए कंपनी ने सख्त कदम उठाए हैं। अब तक 7,500 से ज्यादा निरीक्षण किए जा चुके हैं और 141 वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 5 को निलंबित भी किया गया है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर शिकंजा
कंपनी ने राज्य सरकारों और अन्य तेल कंपनियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान भी चलाया है। इस दौरान करीब 68,000 छापे मारे गए हैं। इन कार्रवाइयों के तहत 855 एफआईआर दर्ज की गईं, 48,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए। इन कदमों का मकसद जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है, ताकि आम उपभोक्ताओं को सही समय पर गैस मिल सके।
डिजिटल बुकिंग का बढ़ा चलन
कंपनी के अनुसार, अब ज्यादातर लोग एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब 87 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही है। इसमें एसएमएस, मोबाइल ऐप और आईवीआरएस (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम) जैसे तरीके शामिल हैं। आईओसी ने उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि प्रक्रिया आसान और तेज हो सके।
ओटीपी सिस्टम से सुरक्षित डिलीवरी
सिलेंडर सही ग्राहक तक पहुंचे, इसके लिए कंपनी ने ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आधारित सिस्टम लागू किया है। जब सिलेंडर की डिलीवरी होती है, तो ग्राहक के मोबाइल पर एक कोड भेजा जाता है, जिसे डिलीवरी के समय बताना होता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गैस सिलेंडर किसी गलत व्यक्ति को न मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
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