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बिल्डर ने फंसाया है पैसा? यूपी रेरा ने आसान की शिकायत प्रक्रिया; अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों की हुई बल्ले-बल्ले

Big Relief for Homebuyers: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने उन हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है, जिन्होंने अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था।

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अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों को बड़ी राहत (Photo: iStock)

Big Relief for Homebuyers: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। प्राधिकरण ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए नया आदेश जारी किया है। यह आदेश 10 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है, जो कि रेरा की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।

अब शिकायत दर्ज करना होगा आसान

जहां अभी तक केवल रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खरीदार ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा पाते थे वहीं अब अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के लिए भी शिकायत दर्ज करवाना आसान हो गया है। रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों की जानकारी पहले से पोर्टल पर मौजूद होने के कारण यह सुविधा उनके लिए पहले से उपलब्ध थी। लेकिन अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के मामलों में यह प्रक्रिया जटिल थी।

UP RERA

अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के खरीदारों को बड़ी राहत

नई व्यवस्था के तहत अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले लोगों को प्रमोटर और प्रोजेक्ट से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें प्रमोटर का संपर्क विवरण, निदेशकों/साझेदारों की जानकारी, प्रोजेक्ट की लोकेशन, जमीन, नक्शा, निर्माण और बिक्री की स्थिति जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी।

रेरा कानून के अनुसार हर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऐसे में प्राधिकरण पहले यह तय करेगा कि संबंधित प्रोजेक्ट को रजिस्टर होना चाहिए था या नहीं। अगर जांच में पाया जाता है कि प्रमोटर ने जानबूझकर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा। इसके बाद ही शिकायत पर आगे कार्रवाई होगी और खरीदारों को राहत देने का फैसला लिया जाएगा।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

अगर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन जरूरी पाया जाता है तो मामले को आगे बढ़ाते हुए प्रमोटर को नोटिस जारी किया जाएगा और रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। निर्देशों का पालन न करने पर प्रमोटर पर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत का 10% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा आदेशों की अनदेखी करने पर अतिरिक्त जुर्माना और अधिकतम 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान है।

डिफॉल्टर प्रमोटरों को कड़ा संदेश

इस कदम से साफ हो गया है कि अब कोई भी प्रमोटर अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट के जरिए खरीदारों को गुमराह नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई तय है।

होमबायर्स के लिए भरोसे का कदम

रेरा के इस फैसले से अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स भी नियामक दायरे में आएंगे और खरीदारों के लिए न्याय पाना आसान होगा। प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रेरा होमबायर्स के अधिकारों की सुरक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।

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Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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