बिजनेस

नए ऑफिस एरिया में अगले तीन साल में सबसे अधिक योगदान बेंगलुरु, हैदराबाद का

Real Estate Services : देश के सात प्रमुख शहरों में तीन साल के दौरान नए कार्यालय क्षेत्रों में सबसे अधिक 49 प्रतिशत का योगदान बेंगलुरु और हैदराबाद का होगा।

Image

सात प्रमुख शहरों में कार्यालयों की उपलब्धता 2023-2025 के बीच 16.5 करोड़ वर्ग फुट से अधिक होने का अनुमान।

Photo : iStock

Real Estate Services : देश के सात प्रमुख शहरों में तीन साल के दौरान नए कार्यालय क्षेत्रों में सबसे अधिक 49 प्रतिशत का योगदान बेंगलुरु और हैदराबाद का होगा। इस दौरान दफ्तरों के लिए 16.5 करोड़ वर्ग फुट से अधिक नई जगह उपलब्ध होने का अनुमान है। सीबीआरई की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रियल एस्टेट के बारे में परामर्श देने वाली सीबीआरई साउथ एशिया ने बृहस्पतिवार को अपनी नई रिपोर्ट ‘ऑफिस मिथ्स डिबंक्ड’ जारी की। रिपोर्ट के अनुसार सात प्रमुख शहरों में कार्यालयों की उपलब्धता 2023-2025 के बीच 16.5 करोड़ वर्ग फुट से अधिक होने का अनुमान है। यह 2020-2022 में 14.2 करोड़ वर्ग फुट था।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया व अफ्रीका के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमन मैगजीन, ‘‘भारत में कार्यालय क्षेत्र में अच्छी वृद्धि देखी जा रही है। 2023-2025 में भारत के शीर्ष शहरों में दफ्तर के लिये तैयार जगह की उपलब्धता 16.5 करोड़ वर्ग फुट से अधिक होने का अनुमान है। यह कार्यालय क्षेत्र के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन साल यानी 2023 से 2025 के दौरान इस वृद्धि में 15-18 प्रतिशत की और तेजी आने की उम्मीद है। इसकी वजह मांग और कंपनियों की विस्तार योजनाएं हैं।’’ कार्यालय क्षेत्र की उपलब्धता में बेंगलुरु और हैदराबाद हावी रहेंगे। 2023-2025 के बीच कुल कार्यालय क्षेत्र में बेंगलुरु का 29 प्रतिशत यानी 4.78 करोड़ वर्ग फुट और हैदराबाद का 20 प्रतिशत यानी 3.3 करोड़ वर्ग फुट योगदान होगा।

इसके बाद दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) का 17 प्रतिशत यानी 2.8 करोड़ वर्ग फुट, पुणे का 12 प्रतिशत यानी 1.98 करोड़ वर्ग फुट, चेन्नई का 11 प्रतिशत यानी 1.81 करोड़ वर्ग फुट, मुंबई का नौ प्रतिशत 1.48 करोड़ वर्ग फुट और कोलकाता का दो प्रतिशत यानी 33 लाख वर्ग फुट योगदान होगा।

भाषा इनपुट के साथ

TNN Business Desk
TNN बिजनेस डेस्क author

TNN बिजनेस डेस्क

और पढ़ें
End of Article