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ऑनलाइन दिखावा पड़ सकता है महंगा! इनकम टैक्स के नए नियम जान लें वरना पछताएंगे

अगर आप सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाने के शौकीन हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। जल्द ही इनकम टैक्स विभाग को आपके सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल, बैंक और निवेश अकाउंट तक पहुंचने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा। ईमानदार टैक्सपेयर्स को इससे डरने की जरूरत नहीं, लेकिन टैक्स चोरी करने वालों की अब खैर नहीं।

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Income Tax new Rules

अगर आप सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाना पसंद करते हैं जैसे महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े, विदेशी ट्रिप या कैश से भरे सूटकेस की तस्वीरें तो अब जरा सावधान हो जाइए। क्योंकि जल्द ही इनकम टैक्स विभाग को नए कानूनी अधिकार मिलने जा रहे हैं, जिनके तहत वह आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकेगा।

आपकी तिजोरी तक इनकम टैक्स विभाग की नजर

नई व्यवस्था के मुताबिक, अगर विभाग को ज़रा भी शक हुआ कि आपने टैक्स चोरी की है, या आपके पास कोई अनघोषित आय, सोना, ज्वेलरी या प्रॉपर्टी है जिस पर टैक्स नहीं भरा गया है, तो अधिकारी आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल्स, बैंक और ट्रेडिंग अकाउंट्स तक की जांच कर सकेंगे। यानी अब आपकी ऑनलाइन लाइफस्टाइल भी इनकम टैक्स जांच के दायरे में आ जाएगी।

मान लीजिए आपके पास कोई गुप्त तिजोरी है जिसमें आप छुपा पैसा या चीजें रखते हैं पुराने जमाने में आयकर विभाग ऐसे तिजोरियों के ताले तोड़कर चेक कर सकता था। अब वही तरीका डिजिटल रूप में भी लागू हो सकता है। नए आयकर बिल के प्रावधानों के अनुसार अधिकारियों को अब कंप्यूटर सिस्टम और वर्चुअल (ऑनलाइन) स्पेस का भी एक्सेस लेने का अधिकार दिया गया है।

क्यों होगी जांच?

सरल शब्दों में अगर किसी अधिकारी को यकीन हो जाता है कि किसी व्यक्ति के पास ऐसी अघोषित आय या संपत्ति है जिस पर टैक्स नहीं भरा गया, तो वह सिर्फ घर का ताला नहीं तोड़ पाएगा वह उस व्यक्ति के कंप्यूटर, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट या किसी और डिजिटल लॉकर तक पहुंच बनाकर वहां रखे दस्तावेज और रिकार्ड भी देख सकता है। यह पावर आयकर विधेयक की धारा (क्लॉज़) 247 में दी गई है, जिसके तहत अधिकारी किसी भी दरवाजे, बॉक्स, लॉकर या डिजिटल सिस्टम का एक्सेस ओवरराइड कर सकते हैं।

टैक्स एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह एक सामान्य नियम नहीं, बल्कि एक अपवाद होना चाहिए यानी सिर्फ उन मामलों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए जहां मजबूत शक है। डिजिटल स्पेस में लोगों को भी निजी और गोपनीय रहने की उम्मीद होती है, इसलिए ऐसे एक्सेस पर सावधानी और कानूनी शर्तें लागू होनी चाहिए ताकि बिना वजह लोगों की प्राइवेसी प्रभावित न हो।

इनकम और खर्च मिसमैच बड़ी चुनौती

दरअसल, इनकम टैक्स विभाग को कई बार ऐसे मामलों में मुश्किल होती है जहां किसी व्यक्ति की घोषित आय उसकी ऑनलाइन लाइफस्टाइल से मेल नहीं खाती। जैसे कोई व्यक्ति कम सैलरी दिखाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर महंगी कार, ब्रांडेड वॉच और विदेशी टूर की फोटो शेयर करता है। ऐसे मामलों में अब विभाग सीधे जांच शुरू कर सकेगा और सबूत जुटाने के लिए आपके डिजिटल अकाउंट्स तक पहुंच पाएगा।

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। अगर आपकी आय साफ-सुथरी है और आप समय पर टैक्स भरते हैं, तो डरने की कोई जरूरत नहीं। लेकिन अगर आप “ऑनलाइन दिखावे” से अपनी असली इनकम छिपाने की कोशिश करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग अब पहले से ज्यादा सख्ती से कार्रवाई कर सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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