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RBI का रियल एस्टेट फाइनेंसिंग में बड़ा कदम, बैंकों को REIT को लोन देने की अनुमति

Real Estate Investment Trust: भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तपोषण बढ़ाने के लिए बैंकों को कुछ सुरक्षा उपायों के साथ ‘रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ (रीट) को ऋण देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। रीट ऐसे निवेश माध्यम हैं जो आय देने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक या प्रबंधक होते हैं, जिससे निवेशक सीधे संपत्ति खरीदे बिना आय में हिस्सा ले सकते हैं।

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बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति पर विचार कर रहा है रिजर्व बैंक (तस्वीर-istock)

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Real Estate Investment Trust: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश और वित्तपोषण के अवसर बढ़ाने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा। इसमें बैंकों को कुछ सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपायों के साथ रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी। यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों और बैंकों दोनों के लिए नए अवसर खोल सकता है।

रीट क्या हैं?

रीट, या रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, ऐसे निवेश माध्यम होते हैं जो आय उत्पन्न करने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों के मालिक होते हैं या उनका संचालन करते हैं। इसका मतलब यह है कि आम निवेशक सीधे संपत्ति खरीदे बिना भी उस संपत्ति से होने वाली आय में हिस्सा ले सकते हैं। रीट निवेशकों को नियमित आय और पूंजी में वृद्धि का अवसर प्रदान करते हैं, बिना सीधे प्रॉपर्टी के प्रबंधन की जिम्मेदारी लिए।

भारत में रीट और इनविट का उद्देश्य

भारत में रीट और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे हुए कोष को मुक्त किया जा सके और नए निवेश को बढ़ावा मिले। इन माध्यमों के जरिए निवेशक संस्थागत और खुदरा स्तर पर फंड जुटा सकते हैं और इसे रियल एस्टेट या बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं। आरबीआई का मानना है कि इससे न सिर्फ निवेशकों को बेहतर विकल्प मिलते हैं, बल्कि बैंकों को भी फंसे कोष से राहत मिलती है और नए प्रोजेक्ट्स को फाइनेंसिंग मिल सकती है।

पहले बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति क्यों नहीं थी?

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आरबीआई ने कहा कि शुरुआत में वाणिज्यिक बैंकों को इन संस्थाओं को ऋण देने की अनुमति नहीं थी। हालांकि बाद में, इन्फ्रास्ट्रक्चर इनविट को बैंक ऋण लेने की सुविधा दी गई, लेकिन रीट को यह सुविधा नहीं मिली। इसका मुख्य कारण यह था कि रीट की संरचना और नियामक ढांचा पहले पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुआ था।

अब बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति पेश करते हुए कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र के वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए, कुछ विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। आरबीआई ने यह भी बताया कि सूचीबद्ध रीट के लिए एक मजबूत नियामक ढांचा मौजूद है। इसलिए, समीक्षा के बाद बैंकों को रीट को वित्त प्रदान करने की अनुमति दी जा सकती है। इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और फाइनेंसिंग की प्रक्रिया और पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।

ऋण देने के नियमों में समानता

आरबीआई ने कहा कि इनविट को ऋण देने संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों को रीट को ऋण देने के लिए प्रस्तावित सुरक्षा उपायों के साथ समान और सुसंगत बनाया जा रहा है। इसका मतलब है कि बैंक रीट को ऋण देने में सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के नए उपायों का पालन करेंगे, ताकि वित्तीय स्थिरता बनी रहे।

भारत में लिस्टेड रीट

वर्तमान में भारत में पांच सूचीबद्ध रीट हैं:-

  • ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट
  • एम्बैसी ऑफिस पार्क्स रीट
  • माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रीट
  • नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट
  • नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट

इन रीट्स के माध्यम से निवेशक रियल एस्टेट प्रॉपर्टी में हिस्सा लेकर आय प्राप्त कर सकते हैं, और बैंकों को ऋण देने की अनुमति मिलने से इन फंड्स को और मजबूत किया जा सकेगा।

आरबीआई का यह प्रस्ताव रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति मिलने से निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और सेक्टर में वित्तपोषण बढ़ेगा। साथ ही, यह कदम बैंकों के फंसे कोष को मुक्त करने और रियल एस्टेट परियोजनाओं को सक्रिय रखने में मदद करेगा। इस तरह, बैंकिंग और निवेश क्षेत्र दोनों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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