Bank Ranking : वित्त मंत्रालय ने अब सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की रैंकिंग शुरू कर दी है। इस रैंकिंग का उद्देश्य यह देखना है कि ये वित्तीय संस्थान ग्राहकों की शिकायतों का समय पर और गुणवत्ता के साथ निपटान कैसे कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि यह पहल शिकायत निवारण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शुरू की गई है।
प्रदर्शन में सुधार के संकेत
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यह पहल जून 2025 में शुरू हुई थी और इससे इन वित्तीय संस्थानों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। मंत्रालय ने बताया कि रैंकिंग प्रक्रिया के जरिए बैंकों और बीमा कंपनियों को अपने शिकायत निपटान समय और गुणवत्ता पर ध्यान देना पड़ता है। इससे ग्राहक और संस्थानों के बीच पारदर्शिता बढ़ी है और ग्राहक सेवा में सुधार हुआ है।
निजी बीमा कंपनियों की रैंकिंग भी हो रही है
बयान में यह भी कहा गया है कि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों की रैंकिंग भी प्रक्रियाधीन है। इसका मतलब है कि जल्दी ही इन कंपनियों के प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि इस पहल से न केवल शिकायत निपटान में तेजी आई है, बल्कि कर्मचारियों में ग्राहक सेवा की समझ और प्रशिक्षण भी बढ़ा है।
वित्तीय संस्थान संवाद कार्यक्रम
इसके अलावा, वित्तीय सेवा विभाग ने दिसंबर 2025 से ‘वित्तीय संस्थान संवाद कार्यक्रम’ शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (CPGRAMS) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर चुनी गई संस्थाओं के साथ बैठकें आयोजित की जाती हैं। इसका उद्देश्य संस्थानों को सीधे सुझाव देना और शिकायत निवारण प्रक्रिया को और बेहतर बनाना है।
पहले चरण में एनबीएफसी शामिल
वित्त मंत्रालय ने बताया कि पहले चरण में इस प्रक्रिया के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का चयन किया गया है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले।
मंत्रालय की प्रतिबद्धता
वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय सेवा विभाग लगातार इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। इसका मकसद बैंकिंग, बीमा और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में शिकायत निवारण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह रैंकिंग और संवाद कार्यक्रम दोनों ही ग्राहकों के हित में हैं और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेंगे।
इस पहल के चलते वित्तीय संस्थानों को शिकायत निपटान में तेजी लाने और गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्राहकों को अब अधिक पारदर्शिता और बेहतर सेवा मिलेगी। मंत्रालय की यह योजना वित्तीय क्षेत्र में ग्राहक-केंद्रित सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
