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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 296 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स नोटिस, जानिए क्यों

Central Bank of India: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 296.08 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड का नोटिस जारी किया है। जानिए क्यों?

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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 296 करोड़ रुपये का नोटिस (तस्वीर-istock)

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Central Bank of India : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) को इनकम टैक्स विभाग की ओर से 296.08 करोड़ रुपये का कर मांग नोटिस मिला है। बैंक ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि यह नोटिस वित्त वर्ष 2024-25 से जुड़ा हुआ है। इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि बैंक ने उस साल कर का पूरा भुगतान नहीं किया था, जिसके कारण यह बकाया राशि तय की गई है।

इनकम टैक्स विभाग का आदेश

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक बैंक के अनुसार इनकम टैक्स विभाग की आकलन इकाई ने 28 मार्च 2026 को यह आदेश जारी किया। इस आदेश में बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह 296.08 करोड़ रुपये की कर देनदारी का भुगतान करे। यह रकम उन खर्चों और दावों से जुड़ी है जिन्हें आयकर विभाग ने मान्य नहीं माना है। विभाग का मानना है कि इन दावों के कारण कर की सही गणना नहीं हो पाई।

बैंक का पक्ष और तैयारी

हालांकि, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया इस आदेश से सहमत नहीं है। बैंक का कहना है कि जिन खर्चों या दावों को आयकर विभाग ने खारिज किया है, उनके समर्थन में उसके पास मजबूत तथ्य और कानूनी आधार मौजूद हैं। बैंक को विश्वास है कि उसने सभी नियमों का पालन किया है और उसकी कर गणना सही है।

कानूनी चुनौती की तैयारी

बैंक ने साफ किया है कि वह इस आदेश को चुनौती देने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। वह निर्धारित नियमों के तहत उचित मंच, जैसे अपीलीय अधिकरण (Appellate Tribunal), में अपील करेगा। बैंक को उम्मीद है कि वहां उसे राहत मिलेगी और यह पूरी कर मांग रद्द हो सकती है।

पिछले मामलों से उम्मीद

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में पहले भी अदालतों और अपीलीय संस्थाओं ने बैंकों के पक्ष में फैसले दिए हैं। इन कानूनी मिसालों को देखते हुए बैंक को भरोसा है कि इस बार भी उसका पक्ष मजबूत रहेगा और उसे सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

वित्तीय स्थिति पर असर नहीं

बैंक ने निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि इस नोटिस का उसकी वित्तीय स्थिति, रोजमर्रा के कामकाज या अन्य गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बैंक ने कहा कि वह पूरी तरह स्थिर स्थिति में है और सामान्य तरीके से अपना संचालन जारी रखेगा।

निवेशकों के लिए संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बैंक ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि यह मामला केवल एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बैंक का फोकस अपने कारोबार को मजबूत बनाए रखने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर बना रहेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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