Bank of India 3 Year FD Calculation: Bank of India ने बीते दिन ही अपने ग्राहकों के लिए FD पर ब्याज दरों को बढ़ाया है। एफडी पर ब्याज दरें 18 मई से लागू हो चुकी हैं। बैंक की ओर से ग्राहकों को अब एफडी पर 7.60 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया जा रहा है। ऐसे में बैंक की एफडी स्कीम में निवेश करने की योजना बनाई जा सकती है।
3 साल की एफडी पर सबसे ज्यादा रिटर्न

FD (Photo: iStock)
सरकारी बैंक Bank of India की ओर से ग्राहकों को FD पर सबसे ज्यादा ब्याज 3 साल की अवधि पर दिया जा रहा है। जहां, सामान्य ग्राहकों को 3 साल की एफडी पर 6.70 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। वहीं सीनियर सिटिजन्स के लिए यही ब्याज दर बढ़ाकर 7.45 प्रतिशत कर दी गई है। दूसरी तरफ सुपर सीनियर सिटिजन्स को बैंक 7.60 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है।
बैंकिंग नियमों के मुताबिक, 60 साल या उससे अधिक लेकिन 80 साल से कम उम्र वाले लोगों को सीनियर सिटिजन माना जाता है, जबकि 80 साल या उससे अधिक उम्र के लोग सुपर सीनियर सिटिजन की कैटेगरी में आते हैं।
5 लाख पर कितना मिलेगा रिटर्न
मान लीजिए आप बैंक में 5 लाख रुपये की एफडी करवाना चाहते हैं तो तीन साल बाद आपको बंपर रिटर्न मिल सकता है। अगर कोई सामान्य ग्राहक बैंक में 5 लाख रुपये की एफडी 3 साल के लिए करवाता है, तो उसे लगभग 1,10,296 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इसके बाद मैच्योरिटी पर कुल रकम बढ़कर 6,10,296 रुपये हो जाएगी।
वहीं, अगर यही निवेश कोई सीनियर सिटिजन करता है, तो उसे ज्यादा ब्याज दर का लाभ मिलेगा। 5 लाख रुपये की एफडी पर 3 साल बाद लगभग 1,23,939 रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं। इसके बाद कुल मैच्योरिटी अमाउंट करीब 6,23,939 रुपये तक पहुंच जाएगा। यह सामान्य ग्राहकों के मुकाबले बेहतर रिटर्न होगा।
सुपर सीनियर सिटिजन्स को बैंक सबसे ज्यादा फायदा दे रहा है। 5 लाख रुपये के निवेश पर 3 साल में लगभग 1,26,701 रुपये ब्याज मिल सकता है। इसके बाद मैच्योरिटी राशि बढ़कर लगभग 6,26,701 रुपये हो जाएगी। यानी उम्र के साथ निवेशकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ भी मिलता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
एफडी में क्यों करें निवेश
एफडी को सुरक्षित निवेश माना जाता है क्योंकि इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता। निवेशक को पहले से पता होता है कि मैच्योरिटी पर उसे कितनी रकम मिलने वाली है। यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग और सुरक्षित बचत के लिए कई लोग एफडी को प्राथमिकता देते हैं।
एफडी के ब्याज पर लगता है टैक्स
हालांकि, ध्यान रहे एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स नियम लागू होते हैं। अगर किसी व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज तय सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक TDS काट सकता है। सामान्य ग्राहकों के लिए यह सीमा 40 हजार रुपये है, जबकि सीनियर सिटिजन्स के लिए 50 हजार रुपये तक के ब्याज आय पर TDS नहीं काटा जाता। इससे ज्यादा ब्याज होने पर बैंक टैक्स काट सकता है। अच्छी बात ये है कि अगर व्यक्ति की कुल आय टैक्सेबल सीमा में नहीं आती, तो वह TDS कटने से बच सकता है।
