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Bank Holiday Tomorrow: क्या कल बुधवार 9 जुलाई 2025 को भारत बंद के दिन बैंक खुले रहेंगे या बंद ? जानें सच्चाई !

Bank Holiday Tomorrow, Bharat Bandh On 9 July 2025: 9 जुलाई 2025 को भारत बंद के कारण बैंक सेवाओं में बाधा आ सकती है क्योंकि बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। हालांकि, केंद्रीय बैंक या सरकारी अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से बैंक बंद रहने की घोषणा नहीं की है। इसलिए, बैंक बंद रहना अनिवार्य नहीं है, लेकिन भारत बंद के प्रभाव से कई स्थानों पर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं क्या है सच्चाई।

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क्या भारत बंद के दिन बैंक बंद रहेंगे, जानिए सच्चाई (तस्वीर सौजन्य- Canva)

Bank Holiday Tomorrow, Bharat Bandh On 9 July 2025 : 9 जुलाई 2025 को सार्वजनिक सेवा क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, बीमा, डाक और निर्माण से जुड़े 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी बुधवार को देशव्यापी हड़ताल पर जाएंगे। कल का भारत बंद देशभर में सेवाओं में बाधा उत्पन्न कर सकता है क्योंकि कई यूनियनों के कर्मचारी "श्रमिक-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी, कॉर्पोरेट समर्थक सरकार की नीतियों" के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के प्लेटफॉर्म ने 9 जुलाई को आम हड़ताल या ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। अब सवाल उठता है क्या कल बुधवार 9 जुलाई 2025 को बैंक बंद रहेंगे?

बैंक भी हो सकते हैं प्रभावित

हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने पीटीआई को बताया कि ट्रेड यूनियन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी और अस्थायी मजदूरों की नीति के खिलाफ लड़ रही हैं। हड़ताल के कारण बैंकिंग, डाक, कोयला खनन, फैक्ट्रियां, राज्य परिवहन सेवाएं प्रभावित होंगी।

नहीं है बैंक हॉलिडे घोषित

इसके अलावा बैंक कर्मचारियों के एक संघ ने कहा है कि बैंकिंग क्षेत्र भी कल (बुधवार 9 जुलाई 2025 ) के भारत बंद में शामिल होगा। बंगाल प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ, जो ऑल इंडिया बैंक कर्मचारी संघ से जुड़ा है उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र भी हड़ताल में शामिल होगा। हालांकि 9 जुलाई को आधिकारिक बैंक हॉलिडे घोषित नहीं किया गया है, फिर भी सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

जुलाई 2025 में बैंक छुट्टियां (Bank Holidays in July 2025)

  • 5 जुलाई (शनिवार) – जम्मू और श्रीनगर में गुरु हरगोबिंद जी की जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।
  • 6 जुलाई (रविवार) – पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे।
  • 12 जुलाई (शनिवार) – दूसरा शनिवार, देशभर में बैंक बंद रहेंगे।
  • 13 जुलाई (रविवार) – पूरे भारत में बैंक अवकाश।
  • 14 जुलाई (सोमवार) – शिलॉंग में बेह देइनखलम त्योहार के चलते बैंक बंद।
  • 16 जुलाई (बुधवार) – देहरादून (उत्तराखंड) में हरेला पर्व के कारण बैंक बंद रहेंगे।
  • 17 जुलाई (गुरुवार) – शिलॉंग में यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि पर बैंक अवकाश।
  • 19 जुलाई (शनिवार) – अगरतला (त्रिपुरा) में केर पूजा के अवसर पर बैंक बंद।
  • 20 जुलाई (रविवार) – पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे।
  • 26 जुलाई (शनिवार) – चौथा शनिवार, देशभर में बैंक बंद रहेंगे।
  • 27 जुलाई (रविवार) – पूरे भारत में बैंक अवकाश।
  • 28 जुलाई (सोमवार) – गंगटोक (सिक्किम) में द्रुकपा त्शे-जी उत्सव के चलते बैंक बंद रहेंगे।

बिजली आपूर्ति भी हो सकती प्रभावित

देश में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है क्योंकि 27 लाख से अधिक बिजली कर्मचारी भारत बंद में शामिल होंगे। राज्यों ने स्कूल और कॉलेजों के लिए भारत बंद के कारण कोई छुट्टी की घोषणा नहीं की है, इसलिए वे खुले रहेंगे।

हड़ताल सफल बनाने की अपील

कर्मचारी यूनियनों ने एक बयान में मजदूरों से अपील की है कि वे देशव्यापी आम हड़ताल को बड़ी सफलता दिलाएं। उन्होंने कहा है कि औपचारिक और अनौपचारिक/असंगठित अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में यूनियनों द्वारा तैयारियां जारी हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की नेता अमरजीत कौर ने पीटीआई को बताया कि 25 करोड़ से अधिक मजदूर हड़ताल में शामिल होने की संभावना है। किसानों और ग्रामीण मजदूरों भी देश भर में प्रदर्शन में शामिल होंगे। कर्मचारी यूनियनों ने पिछले साल श्रम मंत्री मंसुख मंडाविया को 17 बिंदुओं की मांगों का ज्ञापन दिया था, मजदूर यूनियन मंच ने अपनी लेटेस्ट बयान में कहा।

भारत बंद क्यों है?

कर्मचारी यूनियनों के मंच ने आरोप लगाया है कि सरकार पिछले 10 सालों से वार्षिक श्रम सम्मेलन नहीं कर रही है और श्रमिक हितों के खिलाफ निर्णय ले रही है। सरकार 4 श्रम कोड लागू कर रही है जिससे सामूहिक bargaining कमजोर हो, यूनियन की गतिविधियां प्रभावित हों और नियोक्ताओं को लाभ हो, इसे 'ईज ऑफ डूइंग' का नाम दिया गया है। मंच ने कहा कि सरकार ने देश को कल्याणकारी राज्य का दर्जा छोड़ दिया है और विदेशी व भारतीय कॉर्पोरेट्स के हित में काम कर रही है, जो उसकी नीतियों से साफ दिखाई देता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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