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नोटबंदी की एक गलती Axis Bank को पड़ी भारी! नोट जमा करने से किया था मना, अब चुकाने होंगे 3.19 करोड़ रुपए

साल 2016 की नोटबंदी (Demonetization) का एक पुराना मामला एक्सिस बैंक (Axis Bank) के लिए मुसीबत बन गया। एक ताजा फैसले में, बैंक को पुराने नोट जमा करने से इनकार करने के एवज में 3.19 करोड़ रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

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नोटबंदी की एक गलती एक्सिस बैंक पर पड़ी भारी (Photo: iStock)

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने एक्सिस बैंक को दिल्ली स्थित प्रोकेयर लॉजिस्टिक्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को 3.19 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया है। दरअसल, आयोग ने एक्सिस बैंक को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। यह मामला 2016 की नोटबंदी से जुड़ा है। नोटबंदी के दौरान एक्सिस बैंक ने नोटों को जमा करने से मना किया था।

बैंक ने अनसुना किया ग्राहक का अनुरोध

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने कंपनी की बैंक के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई की। आयोग में पीठासीन सदस्य एवीएम जे. राजेंद्र और न्यायिक सदस्य अनूप कुमार मेंदीरत्ता शामिल थे। आयोग ने 10 मार्च के आदेश में कहा कि बैंक ने बार-बार अनुरोध के बावजूद शिकायतकर्ता को अपने केवाईसी वेरिफाइड खाते में नोट जमा करने से रोक दिया और यह समस्या नोटबंदी की पूरी अवधि तक बनी रही।

नोट स्वीकार करना बैंक की मुख्य जिम्मेदारी

आयोग ने कहा कि बैंक के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं था कि वह ग्राहक के पैसे जमा करने से सीधे मना कर दे। अगर बैंक को पैसों पर कोई शक था, तो वह इसकी सूचना अधिकारियों को दे सकता था, लेकिन नोट स्वीकार करना बैंक की मुख्य जिम्मेदारी थी।

कंपनी को इन नोटों की वजह से हुआ नुकसान

बैंक द्वारा जमा करने से मना करना कंपनी को नोटबंदी के दौरान एकमात्र वैध अवसर से वंचित करने के बराबर था। इसके कारण कंपनी को नुकसान हुआ, क्योंकि जमा न किए गए नोट समय सीमा समाप्त होने के बाद बेकार हो गए।

खाते में जमा स्वीकार करना एक मूल बैंकिंग सेवा

आयोग ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से सेवा में कमी के अंतर्गत आता है। आयोग ने यह भी कहा कि खाते में जमा स्वीकार करना एक मूल बैंकिंग सेवा है और बैंक को कानून के अनुसार काम करना चाहिए। अगर कोई लेनदेन रोकना हो, तो उसका कारण स्पष्ट और नियमों के अनुसार होना चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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