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August financial checklist: टैक्स, क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग... इस महीने बदलने वाले हैं ये नियम, तुरंत जान लें

अगस्त 2026 की शुरुआत के साथ ही टैक्स, बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड नियमों में कई बड़े बदलाव लागू हो चुके हैं। इनका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ सकता है। वित्तीय पेनल्टी से बचने और सही योजना बनाने के लिए इस चेकलिस्ट को तुरंत नोट करें!

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August financial checklist: टैक्स, क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग... इस महीने बदलने वाले हैं ये नियम, तुरंत

हर नए महीने की शुरुआत के साथ देश में कई आर्थिक और वित्तीय नियमों में बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिक के बजट और जेब पर पड़ता है। अगस्त 2026 के महीने में भी इनकम टैक्स, बैंकिंग सर्विस चार्ज, क्रेडिट कार्ड बिलिंग पारदर्शिता और शेयर बाजार से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। अगर आप अपने पर्सनल फाइनेंस को बेहतर ढंग से मैनेज करना चाहते हैं और किसी भी पेनल्टी या वित्तीय नुकसान से बचना चाहते हैं, तो इस महीने लागू होने वाले प्रमुख बदलावों और महत्वपूर्ण तिथियों की चेकलिस्ट पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

अगस्त में किन कामों की है डेडलाइन

  • सबसे बड़ा अपडेट इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और टैक्स कंप्लायंस से जुड़ा हुआ है। जहां 31 जुलाई तक आम वेतनभोगी करदाताओं के लिए रिफंड और फाइलिंग का समय था, वहीं अगस्त का महीना बिजनेस, फ्रीलांसर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स (ITR-3 और ITR-4) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
  • बिना ऑडिट वाले इन टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है। तय सीमा के बाद फाइलिंग करने पर धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस और लेट टैक्स भुगतान पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
  • बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में ग्राहकों को राहत और नए शुल्कों का सामना एक साथ करना पड़ेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए दिशानिर्देशों के तहत क्रेडिट कार्ड बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ा दी गई है, जिसके अनुसार अब कैरी-फॉरवर्ड बैलेंस पर लगने वाले चक्रवृद्घि वित्त प्रभारों (Finance Charges) में बकाया सुविधा शुल्क या पेनल्टी को शामिल नहीं किया जाएगा।
  • वहीं दूसरी तरफ, कई प्रमुख बैंकों ने अगस्त से अपनी सेवाओं, जैसे SMS अलर्ट चार्ज (उदा. उज्जजीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का 0.30 रुपये प्रति SMS) और डेबिट कार्ड मेंटेनेंस चार्ज में संशोधन लागू कर दिया है, जिसके चलते ग्राहकों को अपने बैंक खातों का चार्ज स्ट्रक्चर री-चेक करने की सलाह दी जाती है।
  • वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यह महीना कई बड़े घटनाक्रमों का गवाह बनने जा रहा है। 3 से 5 अगस्त के दौरान आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों और लिक्विडिटी पर फैसला सुनाया जाएगा, जिससे होम लोन EMI और एफडी (FD) दरों पर भविष्य का रुख तय होगा।
  • इसके अलावा, 12 अगस्त को होने वाले MSCI इंडेक्स रिव्यू और घरेलू एलपीजी (LPG) व फ्यूल की कीमतों में होने वाले बदलावों पर भी निवेशकों और आम जनता की नजर बनी रहेगी, जो पूरे महीने आपके खर्चों और निवेश रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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