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दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी सऊदी अरामको पर ईरान का हमला, कितने देशों में फैला है कारोबार?

ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी आयल रिफाइनरी सऊदी अरामको पर हमला कर दिया है। अरामको ने सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को ड्रोन हमलों के बाद बंद कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9.32% बढ़ गई हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कंपनी कितनी बड़ी है और कितने देशों में इसका कारोबार फैला है?

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Saudi Aramco

अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आग अब सऊदी की तेल रिफाइनरी तक पहुंच गई। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है दुबई में स्थित दुनिया के सबसे बड़े ऑयल टैंक 'अरामको' पर ईरान ने अटैक किया है। रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को ड्रोन हमलों के बाद बंद कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9.32% बढ़ गई हैं।

यह हमला न केवल सऊदी अरब के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि इसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। अरामको न केवल दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है, बल्कि यह मुनाफे के मामले में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी तकनीकी दिग्गजों को भी पीछे छोड़ देती है। आइए जानते हैं कि कितनी बड़ी है यह कंपनी और इस हमले के क्या परिणाम हो सकते हैं।

सऊदी अरामको मुनाफे का 'सुल्तान'

जब हम दुनिया की सबसे बड़ी और लाभदायक कंपनियों की बात करते हैं, तो अक्सर एप्पल, गूगल या माइक्रोसॉफ्ट का नाम आता है। लेकिन मुनाफे के मामले में सऊदी अरामको का कोई मुकाबला नहीं है। स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में अरामको ने 247.43 बिलियन यूएस डॉलर (लगभग 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का शुद्ध मुनाफा कमाया। यह मुनाफा एप्पल ($114.3 बिलियन) के मुनाफे से दोगुने से भी ज्यादा है। यह कंपनी सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है।

हर दिन कितना तेल प्रोडक्शन होता है?

सऊदी अरामको (Saudi Aramco) दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनियों में से एक है जो वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 9 से 12 मिलियन (90 लाख से 1.2 करोड़) बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है जो ओपेक+ के फैसलों के आधार पर बदलता रहता है। कंपनी के पास 250 अरब बैरल से अधिक का विशाल सिद्ध तेल भंडार है और यह प्रतिदिन 12 मिलियन बैरल तक उत्पादन करने की अधिकतम क्षमता रखती है। कंपनी के पास 250 अरब बैरल से अधिक का सिद्ध तेल भंडार (Proven Reserves) हैजो दुनिया में सबसे बड़े में से एक है।

भारत में अरामको का ऐतिहासिक निवेश

सऊदी अरामको लंबे समय से भारत को तेल आपूर्ति करता रहा है, लेकिन अब कंपनी ने भारत में सीधे निवेश करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब दौरे के दौरान हुई सहमति के बाद, अरामको भारत में दो बड़ी रिफाइनरियों को लगाने में सहयोग करेगी। इन रिफाइनरियों को लगाने के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है। अरामको इन रिफाइनरियों में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी और देश की सरकारी कंपनियों ONGC और BPCL को तकनीक और फंड से मदद करेगी। प्रत्येक रिफाइनरी की सालाना उत्पादन क्षमता 1.2 करोड़ टन होगी।

कौन है अरामको का मालिक?

सऊदी अरामको (Saudi Arabian Oil Company) पर पूरी तरह से सऊदी अरब की सरकार का स्वामित्व है। हालांकि, 2019 में कंपनी का एक छोटा सा हिस्सा पब्लिक किया गया था और इसे रियाद स्टॉक एक्सचेंज (Tadawul) पर लिस्ट किया गया था।

कितना बड़ा है मार्केट कैप?

रियाद स्टॉक एक्सचेंज में इसके एक शेयर की कीमत 26-27 सऊदी अरेबियन रियाल के आसपास कारोबार कर रही है। कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) $1.6 से $1.7 ट्रिलियन के बीच है, जो इसे दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनियों में से एक बनाता है।

अरामको का तेल मुख्य रूप से एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख बाजारों में जाता है। इसके सबसे बड़े खरीदार देशों में चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस शामिल हैं। अरामको अपने कुल उत्पादन का आधा से अधिक हिस्सा सुदूर पूर्व (Far East) देशों को भेजती है। यह कंपनी दुनिया भर के 50 से अधिक देशों में अपनी सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों (Joint Ventures) के माध्यम से काम करती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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