आपके पास भी है डेबिट-क्रेडिट कार्ड तो हो जाएं अलर्ट, 1 अक्टूबर से हो रहा है बड़ा बदलाव

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 19, 2022, 11:20 AM IST

Card Tokenization: महामारी के बाद से ऑनलाइन पेमेंट का काफी इस्तेमाल होता है। लेनदेन के लिए ज्यादातर लोग डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट के साथ ही फ्रॉड के मामले भी बढ़ गए हैं।

आपके पास भी है डेबिट-क्रेडिट कार्ड तो हो जाएं अलर्ट, 1 अक्टूबर से हो रहा है बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डेबिट या क्रेडिट कार्ड के गलत इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतों के मद्देनजर अगले महीने यानी 1 अक्टूबर 2022 से अपने कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन मानदंडों को लागू करने के लिए तैयार है। डेबिट या क्रेडिट कार्ड के दुरुपयोग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इसे लागू किया जा रहा है। हालांकि, कई व्यापारी अभी तक टोकनाइजेशन के लिए तैयार नहीं हैं और इसके लिए उन्होंने आरबीआई को पत्र भी लिखा है। नेटफ्लिक्स (Netflix), माइक्रोसॉफ्ट, स्पॉटिफाई (Spotify) और डिजनी हॉटस्टार (Disney Hotstar) जैसे टॉप ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर ने 1 अक्टूबर से अनिवार्य टोकन के माध्यम से पेमेंट करने की व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई के हस्तक्षेप की मांग की है कि लेनदेन से कोई गड़बड़ नहीं होगी।

क्या है कार्ड टोकनाइजेशन? (What is Card Tokenization)
सबसे पहले, टोकनाइजेशन का मतलब है कि आपके कार्ड (Debit Card, Credit Card) की जानकारी, जैसे कि 16-डिजिट नंबर, नाम, एक्सपायरी डेट और कोड जो भविष्य के पेमेंट के लिए पहले सेव थी। अब इन्हें एक टोकन द्वारा रिप्लेस किया जाएगा। ट्रांजैक्शन के लिए आपको व्यापारी की वेबसाइट द्वारा टोकन का उपयोग किया जाता है। उल्लेखनीय है कि जून के अंत में आरबीआई ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड टोकनाइजेशन की समय सीमा को तीन महीने बढ़ाकर 30 सितंबर 2022 कर दी थी। पहले ये नियम 1 जुलाई से लागू होने वाले थे।

क्या होगा कार्ड टोकनाइजेशन का फायदा? (Card Tokenization Benefits)
ग्राहकों के कार्ड की जानकारी को सुरक्षित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक इन मानदंडों को लागू कर रहा है। मौजूदा समय में, बैंक कार्ड की जानकारी एक लेनदेन के दौरान व्यापारी द्वारा सेव कर ली जाती है। ऐसे में अगर व्यापारी की वेबसाइट हैक की जाती है, तो ग्राहकों की जानकारी भी सुरक्षित नहीं रहती। लेकिन कार्ड टोकनाइजेशन से सभी ग्राहकों का डेटा बैंक के पास होगा, न कि मर्चेट वेबसाइट के पास। टोकनाइजेशन आपको हर बार अपने कार्ड की पूरी जानकारी डालने की परेशानी से भी बचाएगा।

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