नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि मई 2022 के अंत तक भारत में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 2.92 मिलियन बढ़कर 1,170.73 मिलियन हो गई। शहरी क्षेत्रों में ग्राहकों की संख्या 0.8 फीसदी बढ़कर 647.81 मिलियन हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 2.1 फीसदी बढ़कर 522.92 मिलियन हो गई। असम, पश्चिम बंगाल, कोलकाता, केरल, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सर्विस क्षेत्रों को छोड़कर, अन्य सभी में मई महीने के दौरान वायरलेस ग्राहकों में वृद्धि देखी गई है।
प्राइवेट और सरकारी सेक्टर की इतनी हिस्सेदारी
31 मई, 2022 तक, प्राइवेट टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइटर के पास वायरलेस सब्सक्राइबर्स की 89.87 फीसदी बाजार हिस्सेदारी थी, जबकि सरकारी सेक्टर के दो सेवा प्रदाताओं- बीएसएनएल और एमटीएनएल की बाजार हिस्सेदारी सिर्फ 10.13 फीसदी थी।
बढ़ी भारती एयरटेल और जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या
महीने के दौरान सुनील मित्तल की अगुवाई वाली भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने 1.02 मिलियन वायरलेस ग्राहक जोड़े, जबकि रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने लगभग 3.1 मिलियन ग्राहक जोड़े। इसके विपरीत, ट्राई के मासिक आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने 759,258 ग्राहकों को खो दिया।
इंट्रा-सर्विस एरिया मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) को साल 2010 में लागू किया गया था, ताकि वायरलेस टेलीफोन सब्सक्राइबर्स एक सर्विस एरिया से दूसरे सर्विस एरिया में रिलोकेट होने पर अपने मोबाइल नंबर को बरकरार रख सकें।

