नई दिल्ली। देश भर में चीनी मोबाइल कंपनियों (Chinese mobile companies) के कई परिसरों में आयकर विभाग (Income Tax department) द्वारा तलाशी लेने के साथ, स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो (OPPO) ने बुधवार को कहा कि वह प्रक्रिया के अनुसार अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेगा।
सूत्रों के अनुसार, स्मार्टफोन कंपनियां कथित तौर पर कर चोरी के लिए नियमों और मानदंडों का उल्लंघन कर रही थीं और आईटी विभाग सहित कई जांच एजेंसियों के रडार पर थीं। आईएएनएस को दिए एक बयान में, ओप्पो ने कहा कि भारत में एक निवेशित भागीदार के रूप में, 'हम देश के कानून का अत्यधिक सम्मान और पालन करते हैं।'
विभाग के रडार में आई चीनी कंपनियां
कंपनी ने कहा कि, 'हम प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करना जारी रखेंगे।' इससे पहले, कुछ चीनी फर्म, जो कथित तौर पर मोबाइल लोन आवेदन और परिवहन व्यवसाय चला रही थीं, उन पर एजेंसियों ने छापा मारा था। अब कुछ और कंपनियां उनके रडार में आ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई तलाशी के लिए आयकर विभाग ने कई टीमों का गठन किया और इसके देर शाम तक जारी रहने की संभावना है।
Xiaomi के परिसरों पर कोई IT छापा नहीं
विश्वसनीय सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि, Xiaomi के मामले में, नियमित आईटी प्रक्रिया की जा रही थी और इसके परिसरों या इसके वितरकों के स्थानों पर कोई IT छापा नहीं मारा गया था।
कंपनियों के गोदामों पर भी मारा छापा
एक अधिकारी के अनुसार, कुछ कॉरपोरेट घरानों के साथ निर्माण इकाइयों पर छापा मारा जा रहा था। सूत्र ने कहा कि कुछ टीम ने चीनी मोबाइल कंपनियों के गोदामों पर भी छापा मारा है। अधिकारियों ने आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
IT विभाग के रडार पर ZTE
आगे सूत्र ने बताया कि हैदराबाद सहित ओप्पो के राज्य-वितरण भागीदारों के कार्यालयों पर छापे मारे गए। ZTE, एक चीनी फर्म जो गुरुग्राम में दूरसंचार उपकरण निर्माण का काम करती है, IT विभाग के रडार पर थी। इस साल अगस्त में भी फर्म पर छापा मारा गया था।

