GST काउंसिल बैठक: जीसटी रिटर्न वाली रजिस्टर्ड यूनिट्स पर नहीं लगेगा कोई विलंब शुल्क - निर्मला सीतारमण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2020, 04:35 PM IST

GST Council meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ जीएसटी काउंसिल बैठक की और मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए गए। 

GST काउंसिल बैठक: जीसटी रिटर्न वाली रजिस्टर्ड यूनिट्स पर नहीं लगेगा कोई विलंब शुल्क - निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली : लॉकडाउन के बाद पहली बार आज (12 जून) को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की 40वीं बैठक हुई। इस बैठक में  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्मला सीतारमण ने कहा कि जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान शून्य जीसटी रिटर्न वाली रजिस्टर्ड यूनिट्स पर कोई विलंब शुल्क नहीं लगेगा। उन्होंने ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कहा, जुलाई, 2017 से जनवरी, 2020 के दौरान मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न दाखिल नहीं करने पर अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपए तय किया गया। जीएसटी काउंसिल फुटवियर, उर्वरक और कपड़ा क्षेत्र में उलट शुल्क ढांचा सुधारने पर गौर कर रही है। सीतारमण ने कहा कि राज्यों की मुआवजा की जरुरतों पर विचार के लिए एक स्पेशल मीटिंग जुलाई में होगी। उसका केवल यही एक एजेंडा होगा। 

मासिक बिक्री रिटर्न भरने में देरी पर  500 रुपए लगेगा शुल्क

निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई 2017 से जनवरी 2020 के दौरान शून्य टैक्स देनदारी वाले रजिस्टर्ड यूनिट्स को जीएसटी का रिटर्न देर से दाखिल करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद मीडिया संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि अन्य यूनिट्स के लिए जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक की अवधि के लिए मासिक बिक्री रिटर्न दाखिल करने में देरी पर लगने वाले शुल्क को घटाकर अधिकतम 500 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने कोरोना वायरस महामारी के असर पर चर्चा की।

जुलाई में होगी  स्पेशल मीटिंग

इसके अलावा कुछ उद्योगों पर उलटे शुल्क ढांचे (इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर) से जीएसटी संग्रह पर पड़ रहे असर को लेकर भी चर्चा की गई। जीएसटी काउंसिल ने वस्त्र उद्योग में उलटा शुल्क ढांचे के बारे में भी बातचीत की। जीएसटी काउंसिल अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था पर निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई है। सीतारमण ने कहा कि राज्यों की मुआवजा की जरुरतों पर विचार के लिए एक स्पेशल मीटिंग जुलाई में होगी। उसका केवल यही एक एजेंडा होगा। 

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