GST: केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किया जीएसटी का बकाया, दिए 36400 करोड़ रुपये

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Updated Jun 04, 2020 | 23:29 IST

केंद्र सरकार ने राज्यों को उनके बकाया माल एवं सेवा कर (जीएसटी) जारी कर दिया है। कोरोना संकट के इस दौर में राज्य काफी समय से इस पैसे की मांग कर रहे थे।

Centre releases ₹36,400 crore to states in GST compensation
केंद्र सरकार ने राज्यों को राज्यों को दिए GST के 36400 करोड़ 

मुख्य बातें

  • केंद्र ने राज्यों को 36,400 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा जारी किया
  • राज्य सरकारें लगातार कर रही थीं जीएसटी भुगतान की मांग
  • कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया पैसा

नई दिल्ली: केंद्र ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को फरवरी, 2020 तक तीन माह का 36,400 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा जारी किया है।अप्रैल-नवंबर, 2019 की अवधि के लिए केंद्र पहले ही राज्यों ओर संघ शासित प्रदेशों को 1,15,096 करोड़ रुपये जारी कर चुका है। माल एवं सेवा कर के क्रियान्वयन से राज्यों-संघ शासित प्रदेशों को होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र मुआवजा जारी करता है।

कोविड से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं राज्य

 एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से पैदा हुई मौजूदा स्थिति के मद्देनजर राज्यों के संसाधन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राज्यों, संघ शासित प्रदेशों के लिए केंद्र ने दिसंबर, 2019 से फरवरी, 2020 तीन माह के लिए मुआवजा जारी किया है।

2017 में लागू हुआ था जीएसटी

 केंद्र ने 2018-19 में 69,275 करोड़ रुपये 2017-18 में 41,146 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा जारी किया था। जीएसटी को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। उपकर संग्रह 2019-20, 2018-19 और 2017-18 के वित्त वर्ष में क्रमश: 95,000 करोड़, 95,081 करोड़ और 62,611 करोड़ रुपये रहा था।जीएसटी क्रियान्वयन के पहले दो वर्षों 2017-18 और 2018-19 में राज्यों के मुआवजे की जरूरत संग्रह से कम रही थी, इसके चलते 42,271 करोड़ रुपये के मुआवजा उपकर का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

ये है देने की शर्त

 जीएसटी कानून के तहत राज्यों को एक जुलाई, 2017 से जीएसटी के क्रियान्वयन से पहले पांच साल तक राजस्व में किसी नुकसान की भरपाई की गारंटी दी गई है। राजस्व में नुकसान की गणना वर्ष 2015-16 के राजस्व की तुलना में जीएसटी संग्रह में सालाना 14 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान के आधार पर की जाती है।
 

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