सर्वसम्मति से लिया गया था दही, लस्सी पर GST लगाने का फैसला: सरकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 26, 2022, 04:20 PM IST

GST: महंगाई, कुछ आवश्यक पदार्थों पर माल और सेवा कर लगाए जाने के साथ कई मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

सर्वसम्मति से लिया गया था दही, लस्सी पर GST लगाने का फैसला: सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि अनाज, दही, लस्सी सहित विभिन्न वस्तुओं पर माल और सेवा कर (GST) लगाए जाने का हालिया फैसला विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने सर्वसम्मति से लिया था। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की लखनऊ में हुई 45वीं बैठक में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) बनाने का फैसला किया गया था।

GoM में इन राज्यों के मंत्री शामिल
चौधरी ने कहा कि उस जीओएम में कर्नाटक, बिहार, केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मंत्री शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह जीओएम सर्वसम्मति से फैसले लेता है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने सवाल किया था कि हाल ही में जिस बैठक में अनाज, दही, लस्सी आदि पर जीएसटी लगाए जाने का फैसला हुआ, क्या उसमें विपक्षी दलों द्वारा शासित दिल्ली, केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मंत्री मौजूद थे।

क्या GST के दायरे में आएंगे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स?
उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या इन प्रदेशों ने बैठक में इन वस्तुओं पर जीएसटी लगाए जाने का विरोध किया था या असहमति जताई थी। चौधरी ने कहा कि फैसला करने वाले समूह में शामिल लोगों की स्वीकृति से ही फैसला लिया गया । उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि इस तरह के फैसले जीएसटी परिषद लेती है और उसमें यह प्रस्ताव आया था। चौधरी ने कहा, 'प्रस्ताव पर अभी विचार किया जा रहा है।'

भाजपा सदस्य अशोक बाजपेयी ने सवाल किया था कि क्या 'एक देश, एक मूल्य' के सिद्धांत के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर समान जीएसटी लागू किया जाएगा।

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