Mutual Funds : देश में करीब 6 करोड़ निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। ये निवेशक 23 करोड़ से ज्यादा अकाउंट्स के जरिये देश के करीब 2000 से ज्यादा फंड्स के जरिये 86 लाख करोड़ AUM बनाते हैं। लेकिन, पिछले 2 साल में शेयर बाजार के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से म्यूचुअल फंड का रिटर्न भी बहुत खराब रहा है। इसकी वजह से कई फिनफ्लूएंसर दावा करने लगे हैं कि म्यूचुअल फंड देश का सबसे बड़ा स्कैम हैं।
आज के समय में जब लाखों लोग इंस्टाग्राम पर दिलचस्प दावे करने वाले फिनफ्लूएंसर के कहने पर निवेश कर रहे हैं, तब इस सवाल का जवाब एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के MD से बेहतर शायद ही कोई और दे पाए। क्योंकि, हर दूसरा निवेशक शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर रहा है, जब सोशल मीडिया या चर्चाओं में "क्या म्यूचुअल फंड देश का सबसे बड़ा स्कैम है?" और निवेशकों के मन में हमेशा यह डर बना रहता है कि अगर कल को कोई AMC बंद हो गई, तो उनके खून-पसीने की कमाई का क्या होगा?
हाल ही में एक पॉडकास्ट में कोटक महिंद्रा AMC के प्रबंध निदेशक (MD) और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलेश शाह ने इन सारे सवालों का बेबाक और चौंकाने वाला जवाब दिया है। आइए जानते हैं कि उन्होंने म्यूचुअल फंड्स, निवेशकों के डर और इस इंडस्ट्री के काले-सफेद सच पर क्या बड़े खुलासे किए।
क्या वाकई डूब सकता है आपका पैसा?
निवेशकों के सबसे बड़े डर पर बात करते हुए नीलेश शाह ने साफ किया कि लोगों के मन में यह आशंका रहती है कि कल को म्यूचुअल फंड कंपनी बंद हो गई तो क्या होगा? इस पर उन्होंने साफ किया कि म्यूचुअल फंड का पैसा सीधे AMC के पास नहीं रहता, बल्कि वह एक स्वतंत्र कस्टडी (Custodian) और ट्रस्टी के पास पूरी तरह सुरक्षित होता है। यदि कोई कंपनी बंद भी हो जाती है, तो आपके निवेश के यूनिट्स सुरक्षित रहते हैं और उनके प्रबंधन (Management) की जिम्मेदारी किसी दूसरी कंपनी को सौंप दी जाती है। इसलिए, इसे "स्कैम" मान लेना निवेशकों की एक बड़ी गलतफहमी है।
फंड मैनेजर्स का असली सच: "हम चैरिटी नहीं चला रहे"
जब उनसे पूछा गया कि क्या आज के फंड मैनेजर्स भी पहले जैसे हैं या माहौल पूरी तरह 'कट-थ्रोट' (मतलबी) हो चुका है, तो नीलेश शाह ने दो टूक कहा, "हम कोई चैरिटी नहीं चला रहे हैं, एक कमर्शियल बिजनेस है। लेकिन 'क्लाइंट फर्स्ट' का उसूल आज भी कोई नहीं भूला है। हर कोई यह मानता है कि जब क्लाइंट का पैसा बनेगा, तभी हमारा पैसा बनेगा।" उन्होंने अपने पुराने दिनों का एक किस्सा साझा किया जब फ्रैंकलिन टेंपलेटन में काम करते समय, ब्याज दरें गिरने पर उन्होंने खुद 6,000 करोड़ रुपये के फंड से निवेशकों को बाहर निकलने (रिडेम्पशन) की सलाह दी थी। भले ही उनका फंड छोटा हो गया, लेकिन ग्राहक का नुकसान नहीं होना चाहिए, यही असली प्रोफेशनलिज्म है।
टिप्स के चक्कर में मत पड़िए, नहीं तो बर्बाद हो जाएंगे
अपने शुरुआती दिनों की गलतियों को याद करते हुए नीलेश शाह ने निवेशकों को बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में उन्होंने भी टिप्स के भरोसे निवेश करके भारी नुकसान उठाया था। उन्होंने दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) का एक प्रसिद्ध सबक साझा करते हुए कहा, "दलाल स्ट्रीट में लक्ष्मी माता का पूजन तो साल में एक बार दिवाली की शाम को होता है, लेकिन सरस्वती (ज्ञान और रिसर्च) माता का पूजन रोज करना पड़ता है।"
उनका साफ कहना है कि माता-पिता के अलावा दुनिया में किसी को आपकी आर्थिक भलाई की परवाह नहीं है। इसलिए किसी के कहे सुने या फर्जी टिप्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, बल्कि अपनी रिसर्च मजबूत करें।
AI, आईटी और भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स
पॉडकास्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आईटी सेक्टर के भविष्य पर भी बड़ी चर्चा हुई। जहां लोग आईटी शेयरों में गिरावट को लेकर डरे हुए हैं, वहीं नीलेश शाह का मानना है कि एंटरप्राइज AI आने वाले समय में आज की आईटी इंडस्ट्री जितना बड़ा बिजनेस बन जाएगा। जो कंपनियां खुद को 'फीनिक्स' की तरह बदल लेंगी, वे आगे बढ़ेंगी। इसके साथ ही उन्होंने अगले 5 से 10 वर्षों के लिए भारत में डिफेंस, कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी (खान-पान, ट्रैवल, शिक्षा, हेल्थकेयर) और डीप टेक को सबसे बड़े ग्रोथ सेक्टर्स बताया है।
एक्सपर्ट व्यू: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है। इसे कोटक महिंद्रा AMC के प्रबंध निदेशक (MD) और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलेश शाह के विचारों के आधार पर लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
