Crude Oil Price: बुधवार को कच्चे तेल की कीमत में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इसमें पांच फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट आई। दरअसल कारोबारियों की और भी चिंता बढ़ गई है। उन्हें डर है कि महंगाई पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ब्याज दरों में तेज वृद्धि की वजह से कमोडिटी की मांग प्रभावित होगी। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate, WTI) 5.6 फीसदी की गिरावट के साथ 103.31 डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) 5.2 फीसदी की गिरावट के साथ 108.62 डॉलर पर आ गया।
हाल की महीनों में उछली थी कीमत
मालूम हो कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) की वजह से सप्लाई की चिंताओं के बीच हाल की महीनों में कच्चे तेल की कीमत पिछले कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इस बात की चिंता थी कि चीन जैसी अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने से मांग को पूरा नहीं किया जा सकेगा।
एनर्जी लागत में वृद्धि ने महंगाई को 1980 के दशक के बाद से उच्च स्तरों पर भेज दिया। इसने चिंता और भी बढ़ा दी कि दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं मंदी की ओर बढ़ रही हैं।
हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि अभी भी कच्चे तेल की कीमत फिर से बढ़ सकती है। एक नोट में कहा गया है कि सप्लाई के ऊपर कमोडिटी की मांग के साथ, विकास दर धीमी होने के बावजूद बाजार तंग बने हुए हैं।

