अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी, 34,615 करोड़ का हुआ फ्रॉड, ये हैं आरोपी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 22, 2022, 03:27 PM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने देश का सबसे बड़ा बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 17 बैंकों के संघ से 34000 करोड़ से भी ज्यादा की धोखाधड़ी की गई है।

अब तक की सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी, 34,615 करोड़ का हुआ फ्रॉड, ये हैं आरोपी
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नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के निदेशकों कपिल वधावन, धीरज वधावन और अन्य के खिलाफ 17 बैंकों से 34,615 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा बैंक धोखाधड़ी का मामला है। इससे पहले एबीजी शिपयार्ड (ABG Shipyard) पर 23,000 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।

जारी है तलाशी
केंद्रीय जांच ब्यूरो मुंबई में इस मामले के आरोपियों के परिसरों में 12 स्थानों पर तलाशी कर रही है। एजेंसी ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड के कपिल वधावन, धीरज वधावन, सुधाकर शेली, अमेरीलिस रियल्टर्स, स्काईलार्क बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, दर्शन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, एसओबी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, टाउनशिप डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शिशिर रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, आदि के खिलाफ कथित तौर पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश का हिस्सा बनने के लिए एफआईआर दर्ज की है।

इस मामले में भी सीबीआई जांच के दायरे में हैं वधावन 
एजेंसी ने 11 फरवरी 2022 को बैंक की शिकायत पर कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि यस बैंक (Yes Bank) के फाउंडर राणा कपूर (Rana Kapoor) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में वधावन पहले से ही सीबीआई जांच के दायरे में हैं।

नीरव मोदी (Nirav Modi) और मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) पर पंजाब नेशनल बैंक से 13,000 करोड़ रुपये का बकाया लेकर भागने का आरोप है। स्टर्लिंग बायोटेक के संदेसरा पर कुल 16,000 करोड़ रुपये और विजय माल्या (Vijay Mallya) पर 9,000 करोड़ रुपये का बैंक बकाया है। सीबीआई ने एक संयुक्त औषधि महानिदेशक से जुड़े रिश्वत मामले में बायोकॉन बायोलॉजिक्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट एल प्रवीण कुमार को भी गिरफ्तार किया है।

सितंबर 2021 में पिरामल कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस ने नकद और ऋण सौदे में 34,250 करोड़ रुपये में डीएचएफएल का अधिग्रहण पूरा किया था।

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