Generic Aadhaar CEO Arjun Deshpande : कभी-कभी बिजनेस के लिए आइडिया किसी समस्या से आता है। होता यह है कि बहुत से लोग समस्या को इग्नोर कर देते हैं, मगर कुछ इसे सुलझाने के लिए प्रयास करते हैं। इसी प्रयास में उन्हें बढ़िया बिजनेस आइडिया मिल जाता है। कुछ ऐसा ही किया अर्जुन देशपांडे (Arjun Deshpande) ने। अर्जुन ने देखा कि लोगों के सामने महंगी दवाओं की समस्या आती है। इसी को दूर करने के लिए उन्होंने जेनेरिक आधार (Generic Aadhaar) नाम से कंपनी शुरू की, जिसकी वैल्यूएशन 500 करोड़ रु है। उन्हें अपने बिजनेस के लिए दिग्गज कारोबारी रतन टाटा (Ratan Tata) का भी साथ मिला।
दुनिया के सबसे युवा उद्यमी
जेनेरिक आधार की वेबसाइट के अनुसार कंपनी के फाउंडर और सीईओ अर्जुन दुनिया भर में सबसे युवा उद्यमी हैं। उन्होंने 16 साल की उम्र में जेनेरिक आधार की शुरुआत की थी। उनकी कंपनी सस्ती दवाएं मुहैया कराती है।
दरअसल जेनेरिक आधार एक टॉप मेडिकल फ्रेंचाइजी कंपनी है, जिसके मेडिसिन स्टोर पर बहुत सस्ते में दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जेनेरिक आधार की मेडिकल फ्रेंचाइजी ग्राहकों को 80% तक की छूट के साथ दवाएं मुहैया कराती है।
कई तरह की कॉस्ट हो जाती है खत्म
जेनेरिक आधार की हाई क्वालिटी दवाओं में मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉकिस्ट, सप्लाई चेन, आदि कॉस्ट कम हो जाती हैं। यह इन छोटे लोकल स्टोर मालिकों को यूजर्स के अनुकूल सॉफ्टवेयर प्रोवाइड करती है जो इनवॉयसिंग और बिलिंग को मैनेज करते हैं।
रतन टाटा का मिला साथ
लोगों को क्वालिटी दवाएं मुहैया कराने की इस यात्रा में अर्जुन को रतन टाटा का साथ मिला। उन्होंने जेनेरिक आधार में निवेश किया। हालांकि निवेश राशि का खुलासा नहीं किया गया था।
500 करोड़ रु है वैल्यू
जेनेरिक आधार को पिछले साल अगस्त में जापानी वेंचर कैपिटल फर्म बियॉन्ड नेक्स्ट वेंचर्स से प्री-सीरीज ए फंडिंग के रूप में निवेश मिला था। इस निवेश राशि का भी खुलासा नहीं किया गया। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2022 में ये निवेश कंपनी को 500 करोड़ की वैल्यू पर मिला।
