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क्या जल्द सस्ता होने वाला है पेट्रोल-डीजल? एक्सपर्ट्स ने बताया प्रति लीटर कितने घटेंगे दाम

कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट के बाद आम जनता पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और सीएनजी के बढ़े दाम में कमी की उम्मीद कर रही है। अब यह देखना है कि सरकार कब राहत देती है।

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क्या जल्द सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

Petrol-Diesel Prices: ईरान युद्ध खत्म होने और होर्मुज खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है। 1 जुलाई 2026 को भारतीय बास्केट के लिए कच्चे तेल की कीमत 68.28 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है। यह ईरान युद्ध के पहले स्तर के आसपास है। फरवरी 2026 में, इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत 69.01 डॉलर प्रति बैरल थी। उस समय, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹94.77 प्रति लीटर थी। वहीं, ईरान युद्ध के दौरान मार्च में कच्चे तेल की कीमत में उछाल आने से भारतीय बास्केट में कच्चे तेल कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने मई 2026 के मध्य में पेट्रोल की कीमतें बढ़ानी शुरू कीं,कई बार कीमतें बढ़ाई गईं (शुरुआत ₹3/लीटर से हुई) और मई के अंत तक कुल बढ़ोतरी लगभग ₹7.5 प्रति लीटर हो गई।

अब जब कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर से अपने पुराने रेट पर आ गई है तो आम लोग पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और सीएनजी के दाम में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। एनर्जी और एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की मामूली कटौती हो सकती है। ण्ेयस इसलिए कि 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों वाली भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी, नयारा एनर्जी द्वारा ईंधन के दाम घटाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों पर दबाब बढ़ा है।

नयारा एनर्जी ने कीमतों में कटौती की

बता दें कि 1 जुलाई से नयारा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। कंपनी ने मार्च में वेस्ट एशिया में तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर जो बढ़ोतरी की थी, उसे वापस ले लिया है। इसके बाद सरकारी तेल कंपनियों पर दबाब बढ़ा है। सरकारी तेल कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने अभी तक अपनी कीमतें नहीं बदली हैं। ये कंपनियां मिलकर भारत के 90% से ज्यादा पेट्रोल पंप चलाती हैं।

अगस्त के अंत या सितंबर में बड़ी कटौती की उम्मीद

जाने माने एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा ने टाइम्स नाउ डिजिटल से बातचीत में कहा कि कच्चे तेल में बड़ी गिरावट से सरकारी तेल कंपनियों को राहत मिली है। सरकार पर भी आयात का बोझ घटा है। हालांकि, अभी युद्ध के दौरान हुए घाटे की भरपाई सरकारी कंपनियां कर रही हैं। ऐसे में मेरा मनना है कि जल्द कोई कटौती नहीं होने वाली है। हां, अगर आम लोगों का दबाब सरकार पर बढ़ा तो पेट्रोल और डीजल के दाम में प्रति लीटर 2-2 रुपये की कटौती हो सकती है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगस्त महीने के अंत में या सितंबर की शुरुआत में पेट्रोल और डीलज 5 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है।

सरकार ने LPG की कीमतों में राहत दे दी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से कमर्शियल 19-kg LPG सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹173-184 की कटौती की है। दिल्ली में कीमत ₹3,113.50 से घटकर ₹2,930 हो गई है। हालांकि, घरेलू 14.2-kg LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा, घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे यह ₹110 प्रति लीटर हो गई है। अब अगली बारी पेट्रोल और डीजल की हो सकती है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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