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IT Hardware के लिए 17000 करोड़ रुपए की दूसरी PLI Scheme मंजूर, 75 हजार लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद

Production Linked Incentive Scheme for IT Hardware: सरकार ने बुधवार को आईटी हार्डवेयर के लिए कुल 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई)- 2.0 को मंजूरी दे दी। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रम की अवधि 6 साल है।

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फरवरी 2021 में पास हुई थी आईटी हार्डवेयर की पहली पीएलआई योजन

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • IT Hardware के लिए दूसरी PLI स्कीम को मंजूरी
  • 17 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
  • 75 हजार लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद

Production Linked Incentive Scheme for IT Hardware: सरकार ने बुधवार को आईटी हार्डवेयर के लिए कुल 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई)- 2.0 को मंजूरी दे दी। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी है। कार्यक्रम की अवधि 6 साल है।’’

सरकार के इस कदम से 75 हजार लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद

बताते चलें कि आईटी हार्डवेयर पीएलआई स्कीम 2.0 के तहत लैपटॉप, टैबलेट, सभी पार्ट्स से लैस पर्सनल कंप्यूटर (ऑल इन वन पीसी) सर्वर आदि आएंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आईटी हार्डवेयर पीएलआई स्कीम 2.0 से करीब 3.35 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन के साथ-साथ 2,430 करोड़ रुपये का निवेश होने की भी उम्मीद है। इतना ही नहीं, सरकार की इस स्कीम के माध्यम से सीधे तौर पर 75,000 लोगों को रोजगार भी मिलने की उम्मीद है।

फरवरी 2021 में पास हुई थी आईटी हार्डवेयर की पहली पीएलआई योजना

बताते चलें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने फरवरी, 2021 में 7350 करोड़ रुपये के खर्च के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए पहली पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इसमें लैपटॉप, टैबलेट, सभी पार्ट्स से युक्त पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर शामिल हैं।

PLI स्कीम की बदौलत भारत बना मोबाइल का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने देश में मोबाइल फोन समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल 2020 में पीएलआई स्कीम की शुरुआत की थी। नतीजन, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरर बन गया है। मोबाइल फोन के लिए शुरू की गई पीएलआई स्कीम की सफलता को देखते हुए ही सरकार ने आईटी हार्डवेयर के लिए भी पीएलआई स्कीम 2.0 को मंजूरी दे दी है।

भाषा इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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