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Apollo Micro Systems: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को मिला इन-प्रिंसिपल अप्रूवल, प्रिफरेंशियल बेसिस पर इक्विटी शेयर और वारंट जारी करने की तैयारी

हैदराबाद की डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को बीएसई और एनएसई से प्रिफरेंशियल बेसिस पर इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी मिली है। कंपनी गैर-प्रवर्तकों को 3.11 करोड़ शेयर और 3.80 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी। एनएसई ने कंपनी को आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने और आवंटियों से ट्रेडिंग पर रोक की अंडरटेकिंग लेने का निर्देश दिया है। शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 3% गिरा, लेकिन लॉन्ग टर्म में निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप ₹4145 करोड़ है और यह डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

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अपोलो माइक्रो सिस्टम्स

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Defence Company : हैदराबाद की एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को बीएसई और एनएसई से प्रिफरेंशियल बेसिस पर इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल गया है। कंपनी ने जानकारी दी कि वह 3,11,05,210 इक्विटी शेयर (प्रति शेयर ₹1 के अंकित मूल्य पर ₹114 प्रति शेयर की कीमत से कम नहीं) और 3,80,67,059 कन्वर्टिबल वारंट (जिन्हें समान संख्या में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है) गैर-प्रवर्तकों को जारी करेगी।

एनएसई ने आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने का निर्देश

एनएसई ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह प्रस्तावित आवंटियों द्वारा किए जा रहे ट्रेड्स की निगरानी के लिए आंतरिक नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करे। इसके साथ ही, कंपनी को आवंटियों से एक अंडरटेकिंग (प्रतिज्ञा पत्र) लेने के लिए भी कहा गया है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि वे आवंटन तिथि तक कंपनी के शेयरों में इन्ट्रा-डे ट्रेडिंग या बिक्री नहीं करेंगे।

एनएसई ने चेतावनी दी है कि यदि आवंटन के बाद किसी प्रकार की गैर-अनुपालनता पाई गई, तो इससे इन शेयरों की लिस्टिंग पर असर पड़ सकता है।

शेयर में गिरावट, लेकिन लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न

मंगलवार, 20 मई को एनएसई पर अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का शेयर 3% गिरकर ₹135.25 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह स्टॉक बेहद लाभकारी रहा है। पिछले 1 साल में 20% का रिटर्न देने वाले इस स्मॉलकैप डिफेंस स्टॉक ने 2 साल में 310%, 3 साल में 1019% और 5 साल में 1481% का जबरदस्त रिटर्न दिया है।

कंपनी का परिचय

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, जो BSE स्मॉलकैप इंडेक्स का हिस्सा है, मुख्य रूप से एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और रेलवे जैसे क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं देती है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप ₹4145 करोड़ है।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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