Defence Company : हैदराबाद की एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को बीएसई और एनएसई से प्रिफरेंशियल बेसिस पर इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल गया है। कंपनी ने जानकारी दी कि वह 3,11,05,210 इक्विटी शेयर (प्रति शेयर ₹1 के अंकित मूल्य पर ₹114 प्रति शेयर की कीमत से कम नहीं) और 3,80,67,059 कन्वर्टिबल वारंट (जिन्हें समान संख्या में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है) गैर-प्रवर्तकों को जारी करेगी।
एनएसई ने आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने का निर्देश
एनएसई ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह प्रस्तावित आवंटियों द्वारा किए जा रहे ट्रेड्स की निगरानी के लिए आंतरिक नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करे। इसके साथ ही, कंपनी को आवंटियों से एक अंडरटेकिंग (प्रतिज्ञा पत्र) लेने के लिए भी कहा गया है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि वे आवंटन तिथि तक कंपनी के शेयरों में इन्ट्रा-डे ट्रेडिंग या बिक्री नहीं करेंगे।
एनएसई ने चेतावनी दी है कि यदि आवंटन के बाद किसी प्रकार की गैर-अनुपालनता पाई गई, तो इससे इन शेयरों की लिस्टिंग पर असर पड़ सकता है।
शेयर में गिरावट, लेकिन लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न
मंगलवार, 20 मई को एनएसई पर अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का शेयर 3% गिरकर ₹135.25 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह स्टॉक बेहद लाभकारी रहा है। पिछले 1 साल में 20% का रिटर्न देने वाले इस स्मॉलकैप डिफेंस स्टॉक ने 2 साल में 310%, 3 साल में 1019% और 5 साल में 1481% का जबरदस्त रिटर्न दिया है।
कंपनी का परिचय
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, जो BSE स्मॉलकैप इंडेक्स का हिस्सा है, मुख्य रूप से एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में कार्यरत है। इसके अतिरिक्त, कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और रेलवे जैसे क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं देती है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप ₹4145 करोड़ है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
