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दुनिया का सबसे महंगा स्टॉक, जिसे नहीं खरीद सकते दुनिया के 99% लोग! अब तक 26178% रिटर्न दिया

दुनिया का सबसे महंगा शेयर इतना महंगा है कि दुनिया के 99% लोग इसे नहीं खरीद सकते हैं। इस एक शेयर की कीमत इतनी है कि, जितने में दुनिया के किसी भी बड़े शहर में अच्छा घर ले सकते हैं।

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इस शेयर को खरीदने के लिए चाहिए करोड़ों की दौलत

Worlds Most Expensive Stock : भारतीय शेयर बाजार में चवन्नी-अठन्नी वाले पैनी शेयर की भरमार है। वहीं, कुछ शेयर लाखों रुपये तक जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा भी शेयर है, जिसे खरीदने के लिए आपको ₹6 करोड़ से ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं? दुनिया की 800 करोड़ की आबादी में से महज 2 करोड़ लोग ही इसे खरीदने की क्षमता रखते हैं।

जब दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की बात होती है तो Apple, Nvidia, Microsoft और Amazon जैसे नाम सामने आते हैं। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि यह किसी AI या टेक कंपनी का शेयर नहीं है। बल्कि दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट की कंपनी Berkshire Hathaway Inc. का Class A (BRK.A) शेयर है, जो दुनिया का सबसे महंगा पब्लिकली लिस्टेड शेयर माना जाता है।

जुलाई 2026 तक BRK.A की कीमत करीब 7.4 लाख डॉलर प्रति शेयर के आसपास रही। भारतीय मुद्रा में यह रकम ₹6 करोड़ से ज्यादा बैठती है। यानी सिर्फ एक शेयर खरीदने के लिए करोड़ों रुपये चाहिए। हालांकि, 1986 में शेयर की कीमत महज 2835 डॉलर यानी करीब 35,749.35 रुपये थी, जो आज बढ़कर 7.45 लाख डॉलर यानी करीब 26178% बढ़ चुकी है।

आखिर इतना महंगा क्यों है यह शेयर?

इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी की कारोबारी रणनीति है। वॉरेन बफेट ने 1965 में Berkshire Hathaway की कमान संभाली। इसके बाद कंपनी ने बीमा, रेलवे, ऊर्जा, उपभोक्ता उत्पाद और निवेश जैसे कई क्षेत्रों में विस्तार किया। Apple, Coca-Cola, American Express और Bank of America जैसी बड़ी कंपनियों में निवेश से कंपनी की वैल्यू लगातार बढ़ती गई। लेकिन एक और फैसला इसकी शेयर कीमत को आसमान तक ले गया। बफेट ने Class A शेयर का कभी Stock Split नहीं किया।

आमतौर पर जब किसी कंपनी का शेयर बहुत महंगा हो जाता है, तो वह Stock Split कर देती है। इससे शेयरों की संख्या बढ़ जाती है और प्रति शेयर कीमत कम हो जाती है। Apple, Nvidia, Tesla और Microsoft जैसी कई कंपनियां ऐसा कर चुकी हैं। Berkshire Hathaway ने Class A शेयर के साथ ऐसा कभी नहीं किया। यही वजह है कि दशकों की बढ़त के बाद आज एक शेयर की कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच गई।

क्या इतना महंगा शेयर कोई खरीदता भी है?

BRK.A शेयर मुख्य रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों, बेहद अमीर निवेशकों और लंबे समय से जुड़े शेयरधारकों के पास है। आम निवेशकों के लिए 1996 में कंपनी ने Class B (BRK.B) शेयर जारी किए। इसकी कीमत Class A के मुकाबले बहुत कम है, इसलिए छोटे निवेशक भी Berkshire Hathaway में निवेश कर सकते हैं।

सबसे महंगा शेयर मतलब सबसे बड़ी कंपनी?

इस सवाल का सीधा जवाब नहीं है। असल में यह एक बड़ी गलतफहमी है कि सबसे महंगा शेयर यानी सबसे बड़ी कंपनी। लेकिन, शेयर की कीमत और कंपनी की कुल वैल्यू (Market Capitalization) अलग-अलग चीजें हैं। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें कि किसी कंपनी के सिर्फ 100 शेयर हैं और हर शेयर ₹1,000 का है। दूसरी कंपनी के 10,000 शेयर हैं और हर शेयर ₹100 का है। दूसरी कंपनी की कुल वैल्यू पहली से ज्यादा हो सकती है, भले ही उसका प्रति शेयर भाव कम हो। यही वजह है कि Apple, Nvidia और Microsoft जैसी कंपनियों की मार्केट वैल्यू कई समय पर Berkshire Hathaway से ज्यादा रही है, लेकिन उनके शेयरों का भाव BRK.A से काफी कम है।

रैंककंपनीदेशशेयर (Ticker)प्रति शेयर कीमत (लगभग)
1Berkshire Hathaway Class AअमेरिकाBRK.A7.27–7.43 लाख डॉलर (₹6 करोड़+)*
2NVR Inc.अमेरिकाNVR6,300–6,400 डॉलर
3Seaboard CorporationअमेरिकाSEB4,700–5,200 डॉलर
4AutoZone Inc.अमेरिकाAZO2,900–3,100 डॉलर
5White Mountains Insurance GroupअमेरिकाWTM2,200 डॉलर के आसपास

क्या एक शेयर से जिंदगी कट जाएगी?

सोशल मीडिया पर अक्सर कहा जाता है कि "एक BRK.A शेयर बेच दो, जिंदगी आराम से कट जाएगी।" यह हर व्यक्ति के लिए यह सच नहीं हो सकता। लेकिन, आम आदमी के लिए यह काफी हद तक सच है। क्योंकि, ₹6 करोड़ यानी करीब 7.4 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम दुनिया के ज्यादातर परिवारों की जीवनभर की आय से अधिक है। ऐसे में यह कहा जाता है कि एक शेयर से पूरी जिंदगी ऐश कर सकते हैं। हालांकि, तभी संभव है, जब यह शेयर आपको मुफ्त, गिफ्ट या बेहद कम दाम पर मिला हो। व्यावहारिक तौर पर यह संभव नहीं।

डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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