अमेरिकी दबाव के बीच भारत को मिला चीन का समर्थन, जानें क्या है पूरा मामला
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 9, 2026, 03:16 PM IST
India-China Trade: चीन चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के दौरान धीरे-धीरे भारत के लिए एक प्रमुख निर्यात गंतव्य के रूप में उभरा है। इस दौरान निर्यात 33 बढ़कर 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
भारत-चीन संबंध
India China Trade: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर रोज नई खबरें आ रही है। अमेरिका भारत पर दबाव डालने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका का मोर्चा संभाल रहे हैं। आज अमेरिका के कॉमर्स सेक्रटरी हॉवर्ड लुटनिक का चौंकाने वाला बयान आया है कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए ट्रेड डील नहीं हो पाया। हालांकि, इस बीच चीन का साथ भारत को जरूर मिला है। आपको बता दें कि भारत का निर्यात चीन में तेजी से बढ़ा है। चीन चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर के दौरान धीरे-धीरे भारत के लिए एक प्रमुख निर्यात गंतव्य के रूप में उभरा है। इस दौरान निर्यात 33 बढ़कर 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। ये आंकड़े द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में संरचनात्मक बदलाव का संकेत दे रहे हैं। यह इंडियन इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका द्वारा भारी टैरिफ लगाए जाने से भारतीय निर्यातकों को नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई अब चीन समेत दुनिया के दूसरे देशों से हो रही है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी और देश में नए रोजगार के मौके पैदा होंगे।
इन चीजों की मांग चीन में बढ़ी
निर्यात किए जाने वाले प्रमुख कृषि एवं समुद्री उत्पाद सूखी मिर्च, ब्लैक टाइगर झींगा, हरी मूंग, वन्नामेई झींगा और तेल खली के अवशेष हैं। इसी प्रकार एल्युमीनियम और परिष्कृत तांबे के ‘बिलेट’ ने भी निर्यात वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान दिया। आंकड़ों के अनुसार, निर्यात में वृद्धि तेल खली, समुद्री उत्पाद, दूरसंचार उपकरण और मसालों जैसे उत्पादों के कारण हुई है। भारत ने अप्रैल-नवंबर 2024-25 के दौरान 9.2 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान निर्यात किया। अप्रैल-नवंबर 2022-23 में यह 9.89 अरब अमेरिकी डॉलर और 2023-24 में 10.28 अरब अमेरिकी डॉलर था। आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में 12.22 अरब अमेरिकी डॉलर तक की तीव्र वृद्धि न केवल पिछले वर्ष की गिरावट के उलट है बल्कि पिछले चार वर्ष में सर्वाधिक भी है।
इलेक्ट्रॉनिक खंड में अप्रैल से नवंबर (पहले आठ महीनों) के दौरान जिन मुख्य वस्तुओं में वृद्धि दर्ज की गई, उनमें ‘पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड’ (निर्यात 2.39 करोड़ डॉलर से बढ़कर 92.24 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया), फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी के लिए अन्य विद्युत उपकरण शामिल थे।
कई क्षेत्रों में खुले अवसर
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि और मूल धातु में फैला यह प्रसार दर्शाता है कि निर्यात में यह उछाल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह चीन को भारत के निर्यात के व्यापक संरचनात्मक विस्तार को दर्शाता है।’’ एक निर्यातक ने कहा कि भारतीय उद्योग विभिन्न बाजारों में अवसरों की तलाश कर रहा है क्योंकि अमेरिका में उच्च शुल्क के कारण उनके लिए अमेरिका में प्रतिस्पर्धी दरों पर माल भेजना मुश्किल हो रहा है।
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