आम आदमी की जेब पर एक बार फिर महंगाई का बोझ बढ़ा है, लेकिन इस बार मार 'पावर' पेट्रोल पर पड़ी है। HPCL, IOCL समेत सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. HPCL और IOCL ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले रेगुलर पेट्रोल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मिडिल क्लास को फिलहाल पुरानी कीमतों पर ही राहत मिलती रहेगी।
मिडिल ईस्ट वॉर का असर
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बीच, वैश्विक तेल बाजार में मची उथल-पुथल का असर अब भारत के घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को पावर पेट्रोल (Premium Petrol) की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस इजाफे के बाद अब लखनऊ में पावर पेट्रोल की कीमत 103.92 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
19 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में रेगुलर पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.76 रुपये प्रति लीटर के पुराने भाव पर ही बिक रहा है। इसके साथ ही पावर डीजल की कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जहां एक तरफ रसोई गैस (LPG) की किल्लत की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार से कुछ राहत भरे संकेत भी मिले हैं। अमेरिका और इजरायल के नेताओं के बयानों के बाद निवेशकों की चिंता थोड़ी कम हुई है, जिससे कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 106 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं। इसी नरमी के कारण फिलहाल घरेलू बाजार में सामान्य ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोक लिया गया है।
किस कंपनी ने कितना बढ़ाया रेट
तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के शौकीनों को बड़ा झटका दिया है। BPCL के Speed, HPCL के Power और IOCL के XP95 की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम जनता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नॉर्मल पेट्रोल के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।क्या होता है प्रीमियम पेट्रोल?
प्रीमियम पेट्रोल (High-Octane Fuel) दरअसल एक उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन है, जिसका ऑक्टेन नंबर सामान्य पेट्रोल (91) के मुकाबले 95 या उससे अधिक होता है। इसमें खास तरह के एडिटिव्स और डिटर्जेंट मिलाए जाते हैं, जो न केवल इंजन के अंदरूनी हिस्सों को साफ रखते हैं, बल्कि इंजन की 'नॉकिंग' (खटखटाहट) को भी कम करते हैं। यह खास तौर पर हाई-परफॉरमेंस कारों और स्पोर्ट्स बाइक के लिए डिजाइन किया गया है ताकि उन्हें बेहतर पिकअप और माइलेज मिल सके। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण यह सामान्य पेट्रोल से हमेशा महंगा रहता है।
