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अमेरिका का भारत पर 50% टैरिफ, झींगा, कपड़ा, ज्वैलरी समेत 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स के निर्यात पर पड़ सकता है भारी असर

US Trade Tariff Impact: शोध संस्थान जीटीआरआई ने कहा कि भारत से निर्यातित नौ उत्पादों पर अमेरिकी 50 प्रतिशत शुल्क से 50-70 प्रतिशत तक असर पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है। यह रूस से तेल खरीद पर जुर्माना है और 27 अगस्त से लागू होगा।

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यूएस टैरिफ का भारत के कई सेक्टर पर असर पड़ सकता है (तस्वीर-istock)

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US Trade Tariff Impact : डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया। यह निर्णय रूस से तेल की खरीद के कारण लगाया गया जुर्माना है और 27 अगस्त से लागू होगा।

भारत के निर्यातों पर व्यापक प्रभाव

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत के नौ उत्पाद श्रेणियों झींगा, जैविक रसायन, कालीन, बुने हुए परिधान, मेड-अप, हीरे, सोना और आभूषण, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, फर्नीचर और बिस्तर पर 50-70 प्रतिशत तक निर्यात में गिरावट आ सकती है।

उच्च और कम प्रभाव वाले क्षेत्र

इस्पात, एल्युमीनियम, तांबा और वाहन कलपुर्जों जैसे उत्पाद उच्च प्रभाव वाले क्षेत्र में हैं, जिनमें 30-50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। जबकि औषधि, स्मार्टफोन और पेट्रोलियम उत्पादों पर कम या कोई प्रभाव नहीं होगा।

भारतीय निर्यातकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना

भारत अमेरिका को झींगा और कार्बनिक रसायन जैसे उत्पादों का महत्वपूर्ण निर्यात करता है, लेकिन कनाडा, चिली जैसे देशों की कम टैरिफ नीति के कारण भारत को प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने का खतरा है। GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय निर्यातकों को शुल्क के बोझ के चलते जूझना पड़ेगा।

भारतीय झींगा और रसायन निर्यात प्रभावित

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 2 अरब डॉलर मूल्य के झींगे और 2.7 अरब डॉलर के कार्बनिक रसायन का निर्यात किया है, जिन पर अब 50 प्रतिशत से अधिक शुल्क लागू हो चुका है। इससे भारत को अमेरिकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी खोने का खतरा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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