Ambuja Cement New Grinding Plant In Bihar: अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट लिमिटेड (एसीएल) बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज में नया सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट लगाने के लिए लगभग 1,600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एसीएल ने शनिवार को बयान में कहा कि इस प्लांट की क्षमता 60 लाख टन प्रति वर्ष की होगी। वारिसलीगंज सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई एसीएल का बिहार में पहला उद्यम है। एसीएल देश में अपनी क्षमता का आक्रामक रूप से विस्तार कर रही है।
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बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) द्वारा आयोजित शिलान्यास समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अडानी ग्रुप का यह निवेश बिहार की विकास क्षमता और बिहार के लोगों के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस कार्यक्रम में राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
इस प्लांट से करीब 1000 डायरेक्ट और 250 इनडायरेक्ट नौकरियां पैदा होंगी। वारिसलीगंज सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट की सालाना क्षमता 60 लाख टन की होगी।
''ऐतिहासिक निवेश में सरकार की अहम भूमिका''
अडानी एंटरप्राइजेज के एमडी (कृषि, तेल और गैस) और डायरेक्टर प्रणव अडानी ने इस मौके पर कहा कि ''यह निवेश राज्य सरकार के विकास कार्यक्रमों और हमारी विकास योजनाओं के अनुरूप है। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने के कारण सीमेंट इंडस्ट्री में अच्छी मात्रा में उत्पादन हो रहा है और अंबुजा सीमेंट्स देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को सपोर्ट करने के लिए अच्छी स्थिति में है। हम इस और फ्यूचर प्रोजेक्ट्स पर राज्य सरकार, अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। राज्य सरकार के सहयोग से सभी परमिटों की इंस्टैंट ट्रैकिंग और प्रावधान ने कम समय में इस ऐतिहासिक निवेश को संभव बनाया है।''
किसी सीमेंट कंपनी का बिहार में सबसे बड़ा निवेश
नए प्लांट के साथ अंबुजा सीमेंंट्स बिहार में किसी सीमेंट कंपनी द्वारा सबसे बड़ा निवेश करने वाली कंपनी बन गई है। ये प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा होगा।इनमें 2.4 मिलियन टन सालाना (MTPA) का पहला चरण 1,100 करोड़ रुपये के निवेश से दिसंबर 2025 तक चालू होगा। प्लांट के विस्तार के लिए जमीन का प्रावधान किया गया है।
सड़क और रेल से कनेक्टिविटी
बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज तहसील के मोसामा गांव में स्थित प्लांट की लोकेशन सड़क और रेल से अच्छी कनेक्टिविटी है। वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन यहां से 1 किमी दूर है और SH-83 साइट से केवल 500 मीटर की दूरी पर है।
बता दें कि BIADA ने इस सीमेंट यूनिट के लिए 67.90 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिसके लिए साइट पर काम करने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी मिल गई है।
