नई दिल्ली। बड़ी-बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। अरबपति जेफ बेजोस (Jeff Bozos) द्वारा स्थापित ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन में पिछले महीने छंटनी (Amazon Layoffs) की घोषणा की गई थी। तब सामने आया था कि अमेजन की 10,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना है। लेकिन माना जा रहा है कि 10,000 नहीं, बल्कि इससे दोगुने कर्मचारियों की नौकरी संकट में है। मेटा (Meta) और ट्विटर (Twitter) में बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद दिग्गज कंपनी अमेजन कथित तौर पर कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी भूमिकाओं में हजारों नौकरियों में कटौती करने की योजना बना रही है।
कर्मचारियों के प्रदर्शन की जांच करेंगे मैनेजर्स
कंप्यूटर वर्ल्ड ने इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से कहा है कि छंटनी से सभी कर्मचारियों के स्तर (स्तर 1 से स्तर 7 तक) के कर्मचारियों पर असर पड़ने की संभावना है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहली बार नवंबर के मध्य में सूचना दी थी कि मेटा और ट्विटर जैसे दिग्गजों के छंटनी के बाद अमेजन भी कर्मचारियों को निकाल देगा। हालिया समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले कुछ दिनों में कंपनी के मैनेजर्स को कर्मचारियों के प्रदर्शन की जांच करने के लिए कहा गया था।
अगर अमेजन 20,000 कर्मचारियों को निकाल देता है, तो इसका मतलब होगा कि कंपनी के कॉर्पोरेट कर्मचारियों में लगभग 6 फीसदी और ग्लोबल डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर और प्रति घंटा श्रमिकों सहित अमेजन के 1.5 मिलियन के मजबूत कार्यबल के लगभग 1.3 फीसदी की कमी होगी ।
निकाले गए कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
प्रभावित कर्मचारियों को उनकी कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार 24 घंटे का नोटिस और सेवरेंस पे दिया जाएगा। इस संदर्भ में एक सूत्र ने कहा कि इस खबर के सामने आने के बाद से कंपनी के कर्मचारियों के बीच डर है। कर्मचारियों की कटौती के लिए किसी विशिष्ट विभाग या स्थान का उल्लेख नहीं किया गया है। यह पूरे कारोबार में है।
एक स्रोत ने कहा कि अमेजन में बड़े पैमाने पर छंटनी महामारी के दौरान ओवर हायरिंग की वजह से की जा रही है। इसके अलावा लागत में कटौती करने के लिए भी यह प्लान बनाया गया है क्योंकि कंपनी के फाइनेंस में गिरावट का ट्रेंड रहा है।
