AirTrunk India Investment AI Data Center India Cloud Computing : भारत को क्लाउड कंप्यूटिंग और AI डाटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा बड़ा निवेश मिला है। ऑस्ट्रेलिया की डेटा सेंटर कंपनी AirTrunk ने भारत में 30 अरब डॉलर यानी करीब 3 लाख रुपये निवेश का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेश का स्वागत करते हुए इसे भारत के AI, क्लाउड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए ऐतिहासिक बताया है। असल में एयरट्रंक भारत में 5 गीगावॉट (GW) का डेटा सेंटर नेटकर्व बनाना चाहती है। यह दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर निवेशों में से एक माना जा रहा है।
कौन है AirTrunk?
AirTrunk की स्थापना 2015 में बांग्लादेशी मूल के कारोबारी रॉबिन खुदा (Robin Khuda) ने की थी। कंपनी एशिया-प्रशांत और मध्य-पूर्व क्षेत्र में हाइपरस्केल डेटा सेंटर चला रही है। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग और भारत जैसे बाजारों में कंपनी के डेटा सेंटर पहले से मौजूद हैं। AirTrunk के ग्राहक बड़े क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर, AI कंपनियां और वैश्विक टेक दिग्गज हैं। कंपनी अब अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी दिग्गज Blackstone के समर्थन से तेजी से विस्तार कर रही है।
भारत का डेटा सेंटर हब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निवेश की जानकारी खुद देते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का सफर अब जबरदस्त तेजी पकड़ रहा है। AirTrunk ने भारत में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये ($30 बिलियन) इन्वेस्ट करने और 5 GW डेटा सेंटर कैपेसिटी डेवलप करने के प्लान की घोषणा की है। यह देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में सबसे बड़े प्रपोज्ड इन्वेस्टमेंट में से एक है। ऐसे इन्वेस्टमेंट क्लाउड कंप्यूटिंग और AI के लिए ग्लोबल हब के तौर पर भारत की स्थिति को मजबूत करेंगे, साथ ही रोजगार के मौके पैदा करेंगे, लोकल सप्लाई चेन को सपोर्ट करेंगे और इनोवेशन से होने वाली ग्रोथ को तेज करेंगे। यह साफ है कि दुनिया की डिजिटल इकॉनमी का भविष्य तेजी से भारत में बन रहा है।
कहां बनेगा डेटा सेंटर
कंपनी की तरफ से प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के रायगढ़ पेन ग्रोथ सेंटर में विकसित किया जाएगा। यह मुंबई के करीब है और देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर में बदल सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के मुताबिक कंपनी यहां करीब 3GW क्षमता वाला कैंपस विकसित करेगी, जिसके ऊपर 21 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख करोड़ का शुरुआती निवेश होगा। बाद में इसे बढ़ाकर 5GW तक ले जाया जा सकता है, जिससे कुल निवेश 30 अरब डॉलर यानी करीब 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
AI और क्लाउड कंप्यूटिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट
एयरट्रंक के इस डेटा सेंटर से भारत में डिजिटल सेवाओं, AI एप्लिकेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज को बड़ा बूस्ट मिलेगा। यह डेटा सेंटर खासतौर पर देश में बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग की क्षमता को बढ़ाने में मदद देगा। इसके अलावा AI मॉडल ट्रेनिंग और इंफेरेंस के लिए स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करेगा। इसके साथ ही विदेशी टेक कंपनियों को भारत में डेटा स्टोर और प्रोसेस करने में आसानी होगी, जिससे उनका कंप्लायंस रेट और कॉस्ट में सुधार होगा। इसके अलावा AI स्टार्टअप और एंटरप्राइज सेक्टर को कम लेटेंसी पर डेटा सेंटर की सेवाएं मिलेंगी। मोटे तौर पर ये लंबे समय के लिए देश में रोजगार को बढ़ावा देगा।
