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Airtel : एयरटेल को राहत, अब 604 करोड़ की जगह देना होगा 194 करोड़, जानें क्या मामला

Airtel GST: एयरटेल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि कंपनी द्वारा अपीलीय आयुक्त, दिल्ली के समक्ष दायर अपील पर अपीलीय प्राधिकरण ने आदेश पारित कर उक्त कर मांग को घटाकर 194 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके पहले कंपनी को 604.66 करोड़ रुपए का नोटिस मिला था।

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एयरटेल

Airtel GST:भारती एयरटेल को थोड़ी राहत मिल गई है। एयरटेल को मिले 604.66 करोड़ रुपए के नोटिस के बदले अब 194 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। असल में जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण ने भारती एयरटेल को निर्देश दिया है कि वह दूरसंचार विभाग को लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क पर 194 करोड़ रुपये का जीएसटी भुगतान करे।यह मामला दूरसंचार विभाग द्वारा जारी जीएसटी मांग नोटिस के आधार पर लाइसेंस शुल्क (एलएफ) और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) पर उलट शुल्क व्यवस्था (Inverted Duty Structure) के तहत माल एवं सेवा कर (GST) विभाग द्वारा 604.66 करोड़ रुपये के जीएसटी कर की मांग से जुड़ा है।कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ केंद्रीय जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण, दिल्ली के समक्ष अपील दायर की थी।

कंपनी ने क्या कहा

एयरटेल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि कंपनी द्वारा अपीलीय आयुक्त, दिल्ली के समक्ष दायर अपील पर अपीलीय प्राधिकरण ने आदेश पारित कर उक्त कर मांग को घटाकर 194 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने कहा कि उसे यह आदेश 21 अगस्त को मिला तथा वह अपील आदेश के प्रभाव का आकलन कर रही है तथा इस पर उचित कार्रवाई करेगी।

भारती एयरटेल का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ ढाई गुना बढ़ गया है। कंपनी का पहली तिमाही में कंसोलॉडिटेड नेट प्रॉफ‍िट बढ़कर 4,160 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने एक साल पहले इसी अवधि में 1,612.5 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था।

हाल ही में खरीदी ब्रिटिश कंपनी में हिस्सेदारी

हाल ही में भारती एंटरप्राइजेज (भारती) की अंतर्राष्ट्रीय निवेश यूनिट भारती ग्लोबल ने अल्टिस यूके एस.ए.आर.एल. (अल्टिस यूके) से बीटी ग्रुप पीएलसी की लगभग 24.5% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है। बीटी ब्रिटेन की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी है। हिस्सेदारी के लिए शेयर भारती टेलीवेंचर यूके लिमिटेड के जरिए खरीदे जाएंगे, जो भारती ग्लोबल की सब्सिडियरी कंपनी है। ये डील करीब 15 अरब डॉलर (1.25 लाख करोड़ रु) में हो रही है। इसके पहले साल 1997 में, बीटी ने भारती एयरटेल में 21% हिस्सेदारी खरीदी थी

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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