Ratan Tata Has No Link With Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में अपने निवेश की खबरों के बीच, टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) ने कहा है कि उनका किसी भी फॉर्म में क्रिप्टोकरेंसी से कोई संबंध नहीं है।
टाटा ने ट्वीट कर कहा है कि मैं नेटिजन्स (इंटरनेट यूजर) से अनुरोध करता हूं कि कृपया जागरूक रहें। 85 वर्षीय उद्योगपति ने आगे कहा कि मेरा किसी भी फॉर्म में क्रिप्टोकरेंसी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आप क्रिप्टो के साथ उनके एसोसिएशन का जिक्र करने वाला कोई लेख या विज्ञापन देखते हैं, तो वे बिल्कुल झूठ हैं और नागरिकों को धोखा देने के लिए हैं।
आनंद महिंद्रा भी हो चुके हैं शिकार
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले, महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) भी ऐसी फर्जी न्यूज रिपोर्ट का शिकार हुए हैं, जिसमें दावा किया गया था कि क्रिप्टोकरेंसी में उनके लेटेस्ट निवेश ने "बैंकों को भयभीत" और "विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित" कर दिया है।
3 से 4 महीनों में अमीर बनाने का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि महिंद्रा ने एक 'वेल्थ लूपहोल' ढूंढ लिया है जो निवेशकों को तीन से चार महीने में करोड़पति बना सकता है। महिंद्रा ने तब इसी तरह का स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्होंने क्रिप्टो में एक भी रुपये का निवेश नहीं किया है।
क्रिप्टो पर बंटी हुई दुनिया
एक एसेट क्लास के रूप में, क्रिप्टोकरेंसी ने निवेशकों को बांट दिया है और अक्सर इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं। वॉरेन बफेट (Warren Buffet) और चार्ली मुंगर (Charlie Munger) ने बार-बार डिजिटल करेंसियों को खारिज कर दिया है।
बफेट ने बिटकॉइन को एक गैम्ब्लिंग टोकन कहा था, मुंगर ने कहा था कि यह मजाक है कि कोई इसे भी खरीदेगा।
