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Adani Power Stock Split: 10 रुपए की फेस वैल्यू वाला शेयर अब 2-2 रुपये के 5 हिस्सों में बंटेगा

Adani Power Stock Split: अडानी पावर ने बताया कि निदेशक मंडल ने एक अगस्त 2025 को अपनी बैठक में खुदरा एवं छोटे निवेशकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शेयर विभाजन को मंजूरी दी। कंपनी ने बताया कि 10 रुपये अंकित मूल्य वाला एक शेयर अब 2 रुपये अंकित मूल्य वाले 5 शेयरों में बदल जाएगा।

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Adani Power

Adani Power Stock Split: अडानी पावर ने अपने शेयरधारकों से शेयर विभाजन (Share Split) की मंजूरी हासिल कर ली है। कंपनी ने बताया कि 10 रुपये अंकित मूल्य वाला एक शेयर अब 2 रुपये अंकित मूल्य वाले 5 शेयरों में बदल जाएगा।

इस प्रस्ताव को डाक मतपत्र के जरिए पास किया गया। वोटिंग 6 अगस्त सुबह 9 बजे से 4 सितंबर शाम 5 बजे तक चली। कंपनी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि शेयरधारकों ने बहुमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

क्यों किया गया शेयर स्प्लिट?

कंपनी के निदेशक मंडल ने 1 अगस्त 2025 को हुई बैठक में यह फैसला लिया था। इसका मुख्य मकसद है खुदरा और छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना, ताकि वे भी आसानी से कंपनी के शेयर खरीद सकें।

कैपिटल में होगा कोई बदलाव

कंपनी ने साफ किया है कि शेयरों के विभाजन से कंपनी की अधिकृत, जारी और चुकता पूंजी (Capital Structure) में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी सिर्फ शेयरों की संख्या बदलेगी, पूंजी वही रहेगी।

कितने शेयर होंगे अब?

इस विभाजन के बाद कंपनी के शेयरों की संख्या 2,480 करोड़ से बढ़कर 12,400 करोड़ हो जाएगी। अडानी पावर की स्थापना 1996 में हुई थी और 2009 में इसे शेयर बाजार में लिस्ट किया गया। पिछले कुछ सालों में कंपनी के बिज़नेस और प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है, जिसकी वजह से इसके शेयरों की वैल्यू भी बढ़ी है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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