8th Pay Commission OROP : क्या केंद्र सरकार के सिविलियन कर्मचारियों को भी सेना की तरह वन रेंक, वन पेंशन (OROP) का फायदा मिल सकता है? यह सवाल बार-बार सामने आ रहा है। क्योंकि, 8th Pay Commission के सामने कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने पेंशन समानता (Pension Parity) और रिटायरमेंट डेट के आधार पर होने वाली असमानता खत्म करने की मांग की है।
3 नवंबर, 2025 को गठित किया गया 8वां वेतन आयोग फिलहाल अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए देशभर में तमाम हितधारकों के साथ बैठक कर रहा है। इस दौरान आयोग को कर्मचारी और पेंशनरों के अलग-अलग संगठनों की तरफ से कई सुझाव मिल रहे हैं। जस्टिस रजंना देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग को 18 महीने के भीतर केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, पेशन और भत्तों पर सुझाव देने हैं।
क्यों उठ रही वन रेंक वन पेंशन की मांग?
सिविल पेंशनरों की सबसे बड़ी चिंता पेंशन में रिटायरेमेंट डेट के हिसाब से पेंशन में फर्क है। एक ही रैंक और लगभग समान सेवा देने वाले वाले कर्मचारियों की पेंशन में सिर्फ रिटायरमेंट की डेट अलग होने की वजह से पेंशन अलग हो जाती है। यही अंतर पेंशनर संगठनों को खटक रहा है। उनकी मांग है कि समान रैंक और समान या समतुल्य सेवा देने वाले पेंशनरों के बीच पेंशन का फर्क सिर्फ रिटायरमेंटे की डेट के आधार पर नहीं होना चाहिए।
कौन-कौन से बड़े प्रस्ताव मिले?
आयोग के सामने नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) के जरिये अब तक तमाम कर्मचारी और पेंशन संगठनों ने अपने कई प्रस्ताव रखे हैं। मसलन, कुछ संगठनों ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इसके साथ ही 2026 से पहले के पेंशनरों को रिवाइज्ड पे स्ट्रक्चर का लाभ देने और पेश व पेंशन को हर 5 साल में रिवाइज करने का सुझाव दिया है। इसका मकसद यह है कि पुराने पेंशनर हर नए पे कमीशन में रिटायरमेंट डेट की वजह से पीछे नहीं छूटेंगे।
फैमिली पेंशन बढ़ाने की मांग
भारत पेंशनर समाज (BPS) ने 2026 से पहले और 2026 के बाद के पेंशनरों के बीच पेंशन पैरिटी की मांग की है। संगठन ने पेंशन को आखिरी वेतन के 67% तक करने और फैमिली पेंशन को 50% करने व न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा Railway Senior Citizens' Welfare Society (RSCWS) ने भी OROP पर विचार करने और अलग-अलग डेट के हिसाब से पेंशन में अंतर खत्म करने की मांग की है।
