बारिश के मौसम में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। चीनी और तेल से लेकर आलू, टमाटर और हरी सब्जियों तक के दाम लोगों की जेब पर बहुत भारी पड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि रेहड़ी-पटरी वाले सब्जियों के भाव किलो के बजाय पाव में बता रहे हैं। इसके बावजूद ग्राहक तय नहीं कर पा रहा कि महंगाई में क्या खरीदे और क्या छोड़ दे?
सबसे चौंकाने वाली बात मंडी और खुदरा बाजार के बीच कीमतों का बड़ा अंतर है। बहुत सारी सब्जियों के दाम में यह अंतर 400 फीसदी तक पहुंच गया है। यानी मंडी में जो सब्जी सस्ती है, वही सब्जी खुदरा मार्केट में 4 गुनी तक महंगी है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में आज प्याज का आज औसत भाव करीब ₹32 प्रति किलो है, जबकि नोएडा के रिटेल मार्केट में यही प्याज ₹60–70 प्रति किलो बिक रहा है। इसी तरह आलू, टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, भिंडी, करेला, लौकी, खीरा और हरी मिर्च समेत कई सब्जियों के मंडी और खुदरा भाव में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
अब सवाल है कि आखिर मंडी से रेहड़ी-पटरी तक पहुंचते-पहुंचते सब्जियों की कीमत 2 से 4 गुना तक कैसे बढ़ रही है? क्या इसके पीछे ट्रांसपोर्ट, छंटाई और खराब होने का नुकसान, छोटे विक्रेता का खर्च या कोई और कारण है? आइए समझते हैं इस पूरे खेल को।
रिटेल मार्केट में सब्जियों के दाम
| सब्जी | Delhi-NCR के रिटेल मार्केट में सब्जियों के दाम ₹/किलो |
|---|
| प्याज | ₹60–70 |
| आलू | ₹30–40 |
| टमाटर | ₹60–65 |
| फूलगोभी | ₹80–100 |
| पत्तागोभी | ₹50–60 |
| गाजर | ₹60–80 |
| शिमला मिर्च | ₹80–100 |
| भिंडी | ₹60–80 |
| करेला | ₹50–60 |
| लौकी | ₹40–50 |
| खीरा | ₹40–50 |
| हरी मिर्च | ₹80–120 |
| चुकंदर | ₹60–70 |
आजादपुर मंडी में सब्जियों के रेट
| सब्जी | न्यूनतम ₹/kg | अधिकतम ₹/kg | औसत/मंडी भाव ₹/kg |
|---|---|---|---|
| आलू | 2 | 18.40 | 10.70 |
| प्याज | 20 | 45 | लगभग 32.5 |
| टमाटर | 10 | 34 | 24.47 |
| मटर | 50 | 100 | 75 |
| शिमला मिर्च | 20 | 45 | 32.5 |
| खीरा | 10 | 30 | 20 |
| मूली | 8 | 16 | 11.40 |
| पालक | 10 | 15 | 12 |
| फूलगोभी | 15 | 40 | 27.5 |
| पत्तागोभी | 12 | 20 | 16 |
| बैंगन | 10 | 30 | 20 |
| हरी मिर्च | — | — | APMC सूची में उपलब्ध नहीं |
| फ्रेंच बीन्स | 30 | 60 | 45 |
| तोरी | 10 | 30 | 20 |
| लौकी | 15 | 25 | 20 |
| कद्दू | 8 | 15 | 11.5 |
| भिंडी | 30 | 50 | 40 |
| नींबू | 30 | 100 | 65 |
| अदरक | 45 | 100 | 72.5 |
मंडी और रिटेल मार्केट में क्यों इतना बड़ा अंतर?
आप जिस टमाटर को अपनी कॉलोनी के विक्रेता से ₹60 प्रति किलो या उससे अधिक दाम पर खरीद रहे हैं, वही टमाटर दिल्ली की आजादपुर मंडी (जो एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी है) में ₹10-34 प्रति किलो उपलब्ध है। अन्य सब्जियों की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। खुदरा (रिटेल) बाजार में एक किलो भिंडी की कीमत ₹60-80 है, लेकिन आजादपुर मंडी में इसका भाव सिर्फ ₹40 प्रति किलो है।
Vegetables Price
मंडी के मुकाबले खुदरा मार्केट में सब्जियों के थोक और खुदरा भावों में 400 प्रतिशत तक का भारी अंतर देखने को मिल रहा है। इसकी वजह जानने के लिए टाइम्स नाउ डिजिटल ने आजादपुर मंडी के व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं से बात की। इस बातचीत से यह बात सामने आई कि सब्जियों की कीमत में मंडी के मुकाबले रिटेल बाजार में कई गुना अंसर बिचौलिए (मिडलमैन) के कारण है। वे थोक व्यापारियों से सब्जियां खरीदते हैं और उन्हें खुदरा विक्रेताओं को काफी ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। नोएडा के सब्जी विक्रेता मनोहर ने बाया कि मंडी से लेकर रिटेल मार्केट में बिचौलियों का राज है। वे आढ़तियों (थोक व्यापारियों) से भारी मात्रा में सब्जियां खरीदते हैं। वे मंडियों में सब्जियां पहुंचते ही वे उन्हें खरीद लेते हैं। हमारे पास उनसे ही सब्जी खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। वो मनमानी कीमत वसूलते हैं। हम देने को मजबूर हैं। इसलिए मंडी के मुकाबले रिटेल मार्केट में सब्जियों के दाम में इतना बड़ा अंतर है।
