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8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 35% तक बढ़ोतरी संभव? समझें पूरा मामला

1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। नए वित्त वर्ष में 8th Pay Commission की रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद इसको लागू किया जाएगा। आइए जानते हैं कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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8वां वेतन आयोग

8th Central Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी 8वें वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह एक बड़ा कदम है जो लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के वेतन, पेंशन और भत्तों में आमूल-चूल परिवर्तन लाएगा। इस बीच वित्त मंत्रालय 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट को तैयार करने में मदद के लिए कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों से एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुझाव मांग रहा है। यह सुझाव विंडो 30 अप्रैल, 2026 तक खुली रहेगी।

इन तमाम खबरों के बीच केंद्रीय कर्मचारी एक सबसे प्रमुख सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि नए वेतन लागू होने पर उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी? अगर आप भी केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं और इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो बता दें कि अभी कोई भी इसका सही जवाब नहीं दे सकता है। हां, पिछले वेतन आयोग के देखते हुए एक अनुमान जरूर लगाया जा सकता है कि इस बार सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है। आइए जानते हैं कि इस बार सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

7वें वेतन आयोग के तहत, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया था, जबकि अधिकतम मूल वेतन 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय किया गया था। इसको देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में 20-35% की संभावित वृद्धि हो सकती है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.4 और 3.0 के बीच रहने की संभावना है। ऐसा इसलिए कि 6वें वेतन आयोग ने कर्मचारियों के वेतन में औसतन लगभग 40% की वृद्धि दी थी, जबकि 7वें वेतन आयोग का वेतन और भत्तों पर कुल प्रभाव अक्सर 23-25% के आसपास माना जाता है, जिसमें 2.57 का एक समान फिटमेंट फैक्टर था। इस को देखते हुए 8वें वेतन आयोग के लिए अनुमान लगाया जा रहा है।

इन फैक्टर के आधार पर होगा फैसला

अंतिम आंकड़ा अगले 12-18 महीनों में महंगाई, 16वें वित्त आयोग के बाद राजकोषीय स्थिति, कर राजस्व में वृद्धि और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगा। जानकारों का कहना है कि सरकार एक स्पष्ट और संतोषजनक वेतन वृद्धि के साथ-साथ भत्तों और DA (महंगाई भत्ता) में बदलाव की अधिक संतुलित संरचना के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेगी। बता दें कि नवंबर 2025 में इसकी औपचारिक अधिसूचना के बाद से, आयोग को अपनी सिफ़ारिशों को अंतिम रूप देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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